औरैया। छह माह पहले एडीएम कोर्ट ने दिबियापुर औरैया मार्ग किनारे ककराही की पांच एकड़ चरागाह की जमीन खाली कराने का आदेश दिया था। 2.25 करोड़ की यह जमीन नियम विरुद्ध पट्टा आवंटन दिख्राकर हथिया ली गई थी। इसके बावजूद सदर तहसील इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
अमर उजाला ने 25 अप्रैल के अंक में ‘जमीन के फर्जीवाड़ा’ सीरीज के तहत प्रमुखता से यह मामला उठाया था। अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया तो तुरंत जमीन चरागाह के नाम दर्ज कराई गई। वहीं, गुरुवार को तहसील का अमला ककराही पहुंचा। बुलडोजर से पांच एकड़ जमीन खाली कराई। कई अवैध प्लॉट तोड़े गए, अवैध निर्माण ढहाए गए। राइस मिल की बाउंड्री को भी ढहा दिया गया। उधर, कागजों में आदेश के तहत तब्दीली न करने को लेकर कानूनगो लपेटे में आए।
साल 2015-16 में प्रशासन ने ककराही में पांच एकड़ जमीन पर फर्जी आवंटन का मामला पकड़ा था। उस समय तत्कालीन डीएम के आदेश पर जांच कमेटी गठित की गई थी। रिपोर्ट में महेंद्र कुमार शुक्ला समेत पांच लोगों को नियम विरुद्ध आवंटन की बात सामने आई। इसके आधार पर एडीएम कोर्ट में वाद दर्ज किया गया। मामले में संलिप्त सरकारी अमले के लोगों पर कार्रवाई करने के लिए तत्कालीन डीएम माला श्रीवास्तव ने शासन को पत्र भी लिखा। सुनवाई के दौरान सितंबर 2024 को एडीएम कोर्ट ने इस पांच एकड़ जमीन को चरागाह में दर्ज करने का आदेश दिया। लेकिन यह आदेश छह माह सदर तहसील में पड़ा रहा।
अधिकारियों ने तहसीलदार रणवीर सिंह से जानकारी मागी तो 25 अप्रैल को चरागाह की अमलबरामद दर्ज करा दी गई। पता चला कि कानूनगो केके तिवारी ने कागजों में आदेश के तहत अंकन ही नहीं कराया। इसे लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों ने कानूनगो केके तिवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की।
इधर, गुरुवार को मिशन समाधान के तहत दो जेसीबी लेकर तहसील के अधिकारी व कर्मचारी ककराही पहुंचे। चिह्नित पांच एकड़ जमीन में बने अवैध निर्माणों को ढहा दिया। बड़े दायरे में सड़कें व प्लॉट मिले, इन्हें ढहाया गया। सड़क से सटी इस जमीन पर कई लोगों को प्लॉट भी बेचे जा चुके हैं।
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ककराही मौजा की चरागाह की जमीन पर बने सभी अवैध निर्माण ढहा दिए गए हैं। अवैध प्लॉटिंग भी तहस-नहस कर दी गई है। दोबारा से कोई भूमाफिया इस जमीन की ओर निगाह न डाले इसे लेकर चेतावनी भी जारी करा दी गई है।
-रणवीर सिंह, सदर तहसीलदार
कोर्ट के आदेश के बाद कागजों में चरागाह की जमीन न चढ़ाए जाने को लेकर कानूनगो केके तिवारी की लापरवाही पकड़ गई है। कानूनगो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। -महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व