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Auraiya News: किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी, फसलें बर्बाद होने की आशंका

Tue, 28 Oct 2025 10:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-28एयूआरपी 05- खेत में बाजरे की फसल को समेटते किसान। संवाद
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बिधूना। क्षेत्र में 24 घंटे से लगातार हो रही बूंदाबादी, तेज हवा व बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में धान की फसल पानी गिरने से बर्बाद हो रही हैं। खेतों में कटी पड़ी बाजरा की फसल भी नुकसान की चपेट में आ गई हैं। किसान खेतों में जाकर फसल बचाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बूंदाबांदी और हवा के कारण सफलता नहीं मिल रही है।
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किसानों ने बताया कि इस समय आलू बुआई का काम चल रहा है। अधिकांश लोगों ने आलू की बुआई कर भी दी है। जो किसान बुआई की तैयारी में थे, उनका बारिश से खेतों में मिट्टी गीले होने से काम रुक गया है। बुआई कर चुके किसानों को चिंता है कि बारिश जारी रही तो आलू का बीज सड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से फसलों में हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि मौसम की मार से हर साल फसल बर्बाद होती है लेकिन राहत राशि समय पर नहीं मिलती। एसडीएम गरिमा सौनकिया ने बताया कि बारिश को देखते हुए क्षेत्रीय लेखपालों से फसलों के नुकसान का आकलन कराया जाएगा। अगर कोई फसल बर्बाद हुई है तो उसकी रिपोर्ट तैयार का शासन को भेजकर किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।

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बारिश हुई तो नष्ट हो जाएंगे बीज
फोटो-28एयूआरपी07- बीनू राठौर। संवाद



पुरवा कमल सिंह निवासी बीनू राठौर का कहना है कि इस बारिश से आलू की बुआई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। खेतों में रखे बीज गलने लगे हैं। अगर अगले कुछ दिन और बारिश हुई तो पूरा बीज नष्ट हो जाएगा। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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चावल का दाना काला पड़ सकता है



फोटो-28एयूआरपी08- संदीप कुशवाह। संवाद
फैज्जुलापुर निवासी संदीप कुशवाह ने बताया कि धान की फसल पक चुकी थी। बारिश और हवा से फसल खेतों में गिर गई है। इससे चावल का दाना काला पड़ने का खतरा है। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो फसल की गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ेगा।

फोटो-28एयूआरपी 05- खेत में बाजरे की फसल को समेटते किसान। संवाद

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