अजीतमल। कोतवाली क्षेत्र के गांव छीतापुर में सोमवार की रात पड़ोसी की दो मंजिला कच्ची इमारत की दीवार भरभराकर ढह गई। हादसे के वक्त घर के आंगन में सीमेंट की टिन शेड के नीचे सो रहे एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोग मलबे के नीचे दब गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे परिवार को बाहर निकाला और सीएचसी ले गए। वहां से गृहस्वामी को रेफर कर दिया गया।
छीतापुर निवासी धीरेंद्र सिंह सेंगर (40) पत्नी प्रीति (35), बेटी आशिकी (10), अंकिता (7) और बेटा अंकुश (5) के साथ आंगन में सो रहे थे। देर रात अचानक पड़ोसी भूरे के कच्चे मकान की दीवार ढह गई। बाहर सो रहे धीरेंद्र के बड़े भाई विपिन व भाभी पूजा ने आवाज सुनकर पड़ोसियों की मदद से राहत-बचाव शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार व सीओ मनोज कुमार ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को मलबे से बाहर निकलवाया और सीएचसी पहुंचाया।
वहां डॉक्टर ने धीरेंद्र सिंह की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। नायब तहसीलदार अशोक कुमार व लेखपाल अमित तिवारी ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सीओ मनोज गंगवार ने बताया कि मलबे में दबे परिवार को बाहर निकाल कर सीएचसी पहुंचाया गया था। राजस्व अधिकारी को जानकारी दे दी गई है।
कच्ची दीवार को हटाने के लिए कई बार कहा, लेकिन अनसुना कर दिया
पीड़ित धीरेंद्र बताते हैं कि पड़ोसी से कई बार कच्ची दीवार को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन हर बार अनसुना कर दिया गया। गनीमत रही कि टिनशेड में एंगल लगे थे, जिससे मलबा सीधे परिवार पर नहीं गिरा। एंगल न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पड़ा दीवार का मलवा। संवाद