बिधूना। तहसील में एक कंप्यूटर ऑपरेटर के सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। कंप्यूटर ऑपरेटर ने राजस्व लिपिक की उपस्थिति पंजिका में अनधिकृत रूप से हस्ताक्षर कर दस्तावेजों में हेराफेरी की। 17 माह बाद मामले में राजस्व लिपिक ने ऑपरेटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तहसील बिधूना में तैनात राजस्व लिपिक नीरज कुमार ने तहरीर में बताया कि वह 6 से 8 नवंबर 2023 तक अवकाश पर थे। इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर अश्विनी ने 6 से 9 नवंबर तक उपस्थिति पंजिका में अवैध रूप से हस्ताक्षर कर दिए। अश्विनी को सीडीओ के आदेश पर 28 सितंबर 2023 को तहसील बिधूना में तैनाती मिली थी।
उन्होंने 1 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2023 तक कार्यालय में उपस्थित रहकर काम किया। बाद में वह बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हो गए। राजस्व लिपिक ने बताया कि अश्वनी ने जानबूझकर सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ की और अनुचित लाभ के लिए फर्जी हस्ताक्षर किए। कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।