औरैया। एक दशक से शहर के मोहल्ला बनारसीदास, इंदिरा नगर व दयालपुर नई बस्तियों में बल्लियों पर झूल तार विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से हादसे का सबब बन सकती हैं। बारिश शुरू होते ही खतरे की आशंका जताकर स्थानीय लोगों ने एक बार फिर से बिजली विभाग से खंभे लगवाने की मांग की है।
धीरे-धीरे शहर की आबादी बढ़ती जा रही है। नई बस्तियों में बिजली विभाग कनेक्शन तो कर रहा है, पर मूलभूत सुविधाएं समय रहते मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। हालात ये हैं कि बनारसीदास, दयालपुर व इंदिरा नगर नई बस्ती में पिछले एक दशक से बिजली विभाग ने खंभे नहीं लगाए हैं। इन मोहल्लों की करीब छह हजार आबादी है।
जिसमें लगभग तीन सैकड़ा उपभोक्ता ऐसे हैं, जो बिजली जलाने के लिए बल्लियों के सहारे घरों तक केबिल ले जाने के लिए मजबूर हैं। आरोप है कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर खंभे लगवाए जाने की मांग की जा चुकी है पर किसी ने आज तक कोई ध्यान नहीं दिया।
ऐसे में खासकर बारिश के दिनों में ज्यादा डर रहता है। क्योंकि पूर्व के सालों में बारिश के दौरान कई बार बल्लियों के सड़कर नीचे गिरने पर उस पर बंधी केबलें भी टूट चुकी हैं। जिससे करंट फैलने की घटनाएं होते-होते बची है। बावजूद इसके बिजली प्रशासन अनजान बना है।
एक्सईएन लेखराज सिंह ने कहा कि अभी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तो सौभाग्य श्रीयोजना है। अब जिला विद्युत विकास योजना के माध्यम से इन मोहल्लों में खंभे लगवाने का प्रयास किया जाएगा।
घरों तक केबल पहुंचाने के लिए खंभे नहीं लगाए
मोहल्ला बनारसीदास नई बस्ती निवासी बुजुर्ग परसंदी लाल कहते हैं कि बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन तो दे दिया गया पर घरों तक केबल पहुंचाने के लिए खंभे नहीं लगाए गए। जिससे मेन खंभे से सौ मीटर दूर घर तक केबल पहुंचाने के लिए मजबूरी में बल्लियों का सहारा लेना पड़ा। बिल जमा न करने पर बिजली विभाग की टीम घरों तक पहुंचकर बकाया वसूल लेती है पर मेरी समस्या पर कोई ध्यान नहीं है।
बच्चों के खेलने पर बना रहा है डर
मोहल्ला बनारसीदास नई बस्ती निवासी रचना कहती हैं कि बिजली जलाने के लिए घरों तक केबल किसी भी तरह से पहुंचाना मजबूरी है। ऐसे में बल्लियों का सहारा लेना पड़ा। बारिश के दिनों में बल्लियों के सड़कर गिरने और केबलों के टूटने से करंट फैलने का डर बना रहता है। घर के सामने भी बल्लियों पर काफी केबलें निकलीं हैं, छोटे-छोटे बच्चे घर के बाहर खेलते रहते हैं ऐसे में अक्सर खतरा बना रहता है।
परसंदी लाल- फोटो : AURAIYA
रचना- फोटो : AURAIYA