औरैया। दिलीप हत्याकांड में जमानत पर बाहर आए गांव चमरौआ प्रधान पर दिलीप के भाई वादी संदीप ने धमकी देने का आरोप लगाया है।
कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र को संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने सहार पुलिस को वादी को सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं। प्रधान की जमानत निरस्त करने के लिए वादी ने हाईकोर्ट में अपील की है।
जिला मैनपुरी के थाना भोगांव के गांव नगला दीपा निवासी हाइड्रा कारोबारी दिलीप यादव (25) दिबियापुर में रहता था। शादी के 15 दिन बाद 19 मार्च 2025 को पत्नी प्रगति ने प्रेमी अनुराग के जरिये सुपारी किलर से पति दिलीप की हत्या करा दी थी।
हत्याकांड में पुलिस ने पत्नी, सुपारी किलर रामजी नागर, प्रेमी अनुराग, उसके मौसेरे भाई चमरौआ निवासी दुर्लभ यादव उर्फ पिंटू और शिवम को गिरफ्तार जेल भेजा था। वहीं चमरौआ प्रधान रामू यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
सहार थाना पुलिस ने 18 जून को कोर्ट में हत्याकांड का आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। 30 अगस्त को थाना पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सभी आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसी बीच हत्याकांड का आरोपी प्रधान रामू यादव जमानत पर बाहर आ गया।
वादी संदीप का आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर आए रामू ने रास्ते में रोकते हुए समझौते का दबाव बनाया। मना करने पर धमकी देने लगा। मामले में वादी ने पहले एसपी को घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद कोर्ट के संज्ञान में डाला।
18 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई एडीजी तृतीय कोर्ट हुई। इस दौरान कोर्ट ने वादी की सुरक्षा दिए जाने के आदेश सहार थाना पुलिस को दिए। अब इस मामले की सुनवाई 24 दिसंबर को होगी।