चैत्र नवरात्र के छठवें दिन देवी मंदिराें में श्रद्धालुआें का तांता सुबह से लगना शुरू हो गया। षष्ठम दिन मां कात्यायनी के जयकारे की गूंज सुबह से सुनाई देने लगी।
बीहड़ क्षेत्र स्थित मां मंगला काली मंदिर में शहर समेत अन्य जनपदाें के श्रद्धालु अपनी मुरादें लेने आ रहे हैं। कई देवी मंदिराें में भंडारे का आयोजन किया गया। आज से घरों में कन्याएं खिलाए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
आर्य नगर स्थित काली माता मंदिर, पढ़ीन दरवाजा स्थित शीतला माता मंदिर, जेसीज चौराहा स्थित प्राचीन काली माई मंदिर, बनारसी दास मोहल्ला स्थित बड़ी माता मंदिर व बीहड़ी क्षेत्र स्थित मां मंगला काली मंदिर में कात्यायनी माता के जयकारे गूंजते रहे।
देवी मंदिराें में भजन संध्या, अखंड रामायण, श्रीमद् भागवत कथा और धार्मिक कार्यक्रमाें का आयोजन किया गया।
वहीं मंदिरों में देवी मां को मनाने के लिए सुबह से मैया बुलाए बेटा आए, मैया तेरे चरणाें की रज धूल जो मिल जाए, चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है, अंबे तू जंगदबे काली... आदि देवी गीत गाए जाने का दौर सुबह से ही शुरू हो गया।
पांच किलोमीटर दूर स्थित मां मंगला काली मंदिर में श्रद्धालु जय माता दी जयकारे लगाते हुए पैदल मां के दरबार में हाजिरी लगाते रहे। हजाराें की संख्या में श्रद्धालु भक्तों की पूजा अर्चना कर रहे है।
चैत्र के नवरात्र पर देवी मंदिराें में भंडारे का आयोजन किया गया। चैत्र के नवरात्र के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया। वहीं देवी मंदिरों के साथ साथ घरोें में भी कन्याएं खिलाए जाने का भी सिलसिला शुरू हो गया है।