औरैया। रेहड़ी पर मिलने वाली चाट से लेकर पानी के बताशों व सब्जी में मटर का प्रयोग स्वाद में चार चांद लगा देता है। होली पर भी मटर से बनने वाली सामग्री की खूब डिमांड है। जिसकी पूर्ति के लिए जिले की देशी मटर से लेकर कनाडा तक से थोक में मटर मंगाई जा रही है। औरैया जनपद समेत पड़ोसी जिलों में मटर की डिमांड इस कदर बढ़ी हुई है कि इसकी भरपाई के लिए उद्योग इकाइयों को विदेश से खेप मंगानी पड़ रही है।
जिले में इन दिनों मटर की फसल पक चुकी है। आस पड़ोस के जिलों से किसान के देशी मटर का आना अब शुरू हुआ है, लेकिन होली के मद्देनजर पहले से ही मटर की डिमांड बाजार में बढ़ी हुई है। ऐसे में जिला उद्योग केंद्र में लगी इकाइयों ने ट्रेडर के जरिए मटर को विदेश से मंगाना शुरू कर दिया। कनाडा से मटर की खेप पिछले एक माह से लगातार आ रही है। जिसके प्रसंस्करण से लेकर पैकेजिंग का काम इकाइयों में मशीनों के जरिए पूरा किया जा रहा है।
औरैया समेत कानपुर देहात, नगर, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद अन्य जिलों को उद्योग केंद्र में स्थापित इकाई सप्लाई भेज रही है। दिन भर मशीनों को संचालित कर डिमांड पूरी की जा रही है। जानकारों की माने तो इस बार मटर की फसल काफी हद तक बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गई। हालांकि इन दिनों देशी मटर का आना शुरू हुआ है, लेकिन गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है।
फोटो23एयूआरपी 16- इकाई संचालक विजयकांत पुरवार। संवाद
बोले इकाई संचालक
इस बार मटर की फसल जिले समेत पड़ोसी जनपदों में देरी से आई है। ऐसे में ट्रेडर्स के जरिए कनाडा से मटर मंगाई गई है। एक माह से लगातार औरैया से लेकर पड़ोसी जनपदों में कनाडा की मटर की खूब डिमांड है। -विजयकांत पुरवार, इकाई संचालक