दिबियापुर (औरैया)। जिला प्रशासन के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रयासों पर वर्षों से लंबित समस्याएं भारी पड़ रहीं हैं। दिबियापुर विधानसभा के कई गांवों के हजारों ग्रामीणों ने जलनिकासी की समस्या का निदान के बाद ही मतदान की बात कही है।
नगर से सटे गांव जमुहां, घेरा, केंजरी, भट्ठा बस्ती, झाबर का पुर्वा, बहादुरपुर में जलभराव की समस्या से ग्रामीण वर्षों से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सभी छह गांवों की लगभग 500 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि लगातार जलमग्न है। पिछले कई वर्षों से अनाज का एक दाना भी पैदा नहीं हुआ है। घरों के आसपास जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित है।
जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश के उच्चाधिकारियों तक शिकायतीपत्र भेजे गए। परंतु अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बैनर में लिखा कि पहले चरण में सात दिन तक क्रमिक अनशन, आठवें दिन से आमरण अनशन एवं समस्या का निदान न होने पर आत्मदाह के लिए भी विवश होंगे। बताया कि ककराही पुलिया से औरैया रोड कंप्रेसर बंबा तक नाला साफ कराने से उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
केंजरी गांव निवासी प्रदीप मिश्रा का कहना है कि लंबे समय से वह लोग खेतों में जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। उनकी आठ बीघा जमीन जलमग्न है। समस्या का समाधान कराने के लिए सभी एकजुट हैं।
वहीं घेरा निवासी दीपू पाल का कहना है कि अभी तक जहां ग्रामीणों की फसलें लहलहातीं थीं। पिछले कई वर्षों से वह खेत पानी में डूबे हैं। ग्रामीणों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता।
जमुहां निवासी शिवकुमार बाल्मीक के अनुसार उनके खेत तो एनटीपीसी के अधिग्रहण में चले गए थे। मकान बचा है, उसके आसपास जलभराव के कारण बच्चे और बुजुर्ग परेशान रहते हैं। बीमारियों का खतरा अलग से सताए रहता है।
औरैया दिबियापुर मार्ग कुछ स्थानों पर नाला संकरा होने एवं सफाई न होने की समस्या है। इस समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, एसडीएम औरैया सदर