औरैया। कोरोना महामारी ने दो साल से लोगों को हिलाकर रख दिया है। आज भी लोगों में इतना भय है कि मानो इससे बड़ी कोई आपदा नहीं। इस महामारी ने लोगों को शारीरिक रूप से कमजोर करने का काम किया। कई को जान गवानी पड़ी, मगर इस महामारी से दोगुना मौतें सड़क हादसे में हुई। बावजूद इसके सड़क हादसे रोकने के लिए किए जाने वाले इंतजाम पर किसी की नजर नहीं है।
2020 के मार्च माह में अचानक से पूरे देश पर महामारी ने अपना प्रकोप दिखाया। हालांकि उसका असर अभी भी देखने को मिल रहा है। मार्च 2020 से फरवरी 2022 तक सरकारी आंकड़ों पर जाएं तो कोरोना महामारी के चलते कुल 211 लोगों की मौत हुईं हैं, जबकि सड़क हादसों पर नजर डालें तो 2020 से लेकर मार्च 2022 तक 422 लोग जान गवां चुके हैं।
सड़क हादसों में इतनी मौतें होने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से इन पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। ऐसे में अपनी जिंदगी की सुरक्षा के लिए अब आम जनमानस को खुद ही सतर्कता बरतनी होगी।
अवैध कट बन रहे हादसों का सबब
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह बने अवैध कट लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकते हैं। इन अवैध कट को बंद कराने के लिए लोगों ने कई बार मांग की, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते आज भी कई जगहों पर बने अवैध कट बंद नहीं किए गए हैं। ऐसे में इन कटों का प्रयोग करने में जरा सी चूक लोगों की जिंदगी को पलक झपकते ही खत्म कर देती है।
कोरोना से हुईं मौतें
मार्च 2020 से फरवरी 2021 तक 48
मार्च 2021 से अक्तूबर 2021 तक 155
नवंबर 2021 से मार्च 2022 तक 08
सड़क हादसों में हुई मौतें
मार्च 2020 से फरवरी 2021 तक 192
मार्च 2021 से अक्तूबर 2021 तक 208
नवंबर 2021 से मार्च 2022 तक 22
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने कई अवैध कट पहले बंद कराए गए थे। लोग चोरी छिपे हाईवे के डिवाइडर को क्षतिग्रस्त कर अवैध कट बना लेते हैं। इन अवैध कटों की जानकारी कराई जाएगी, जिससे उनको बंद कराए जाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। -सुरेंद्र नाथ यादव, सीओ ट्रैफिक।
फोटो03एयूआरपी 20- गल्ला मंडी के सामने बने अवैध कट से साइकिल के साथ सड़क पर दूसरी तरफ जाते युवक- फोटो : AURAIYA