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आनलाइन सम्मेलन कवियों ने पढ़ीं कविताएं

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औरैया। रविवार की शाम ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में जिले के अलावा दूसरे प्रांतों के कवियों ने भी एक से एक बेहतरीन रचनाएं सुनाकर मन मोह लिया। कवि डॉ. गोविंद द्विवेदी ने बताया कि ऑनलाइन इस कवि सम्मेलन की शुरुआत इटावा के जाने माने कवि गोपाल अवस्थी ने काव्यपाठ से किया।
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मां सरस्वती वंदना के बाद कवि गोपाल अवस्थी ने ‘नन्हीं आंखों का रोना भी रोक सका न कोई, कितने दु:ख देखे जीवन में सोच सका न कोई’ सुनाई, जिसे काफी सराह गया। इसके बाद कवि गोपाल पांडेय ‘आजाद’ ने ‘नहीं लिखूंगा गोरी की पायल, मैं वीरों का बलिदान लिखूंगा’ रचना प्रस्तुत की।
कवि नंदन मिश्रा ने ‘नाम श्रेष्ठ गुरु का सोचें तो आपके नाम आते हैं, मुश्किल आए काव्य की राहों में आप काम आते है’ रचना सुनाई। कवि कोमल शर्मा ने ‘सख्त राहों में भी आसान सफर लगता है, ये मेरी मां की दुआओं का असर लगता है’ और कवि रामकृष्ण परार्थी ने ‘जागो मेरे वीर जवानों, मातृभूमि की आवाज सुनो’ रचना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
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ऑनलाइन कवि सम्मेलन में शुभम चौहान, खुशबू कुमारी, गगन खरे (इंदौर), मनीष कुमार मिश्रा (डालटनगंज), डॉ. गुलाब चंद पटेल, हिमांशु कुशवाहा (गाजीपुर) गोपाल मनहर (इंदौर), दिनेश चंद्र प्रसाद (कोलकाता), कृष्णा सेन्दल तेजस्व, कोमल शर्मा (अंबाला), अजय सिंह मंडलोई आदि ने कविता पाठ किया।
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