एरवाकटरा (औरैया)। ग्राम पंचायत दोबामाफी में स्थित दुर्वासा ऋषि के मंदिर पर हो रही श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। कथावाचक श्री धाम वृंदावन धाम से आए पं. अनमोल कृष्ण वाजपेयी ने अंतिम दिन की कथा में कहा कि मनुष्य को सदा ही सद्मार्ग पर चलना चाहिए। घमंड मनुष्य के अंत का कारण बन जाता है। इसलिए घमंड नहीं करना चाहिए। उधर, नगला वैश्य गांव में भागवत कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर के द्वारा दिए जाने वाले सुख को प्रेम पूर्वक स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि जिस मनुष्य को घमंड हो जाता है, उसके सुखों का अंत उसी दिन से प्रारम्भ हो जाता है। कथावाचक ने कहा कि मनुष्य को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। इस मौके पर कथा परीक्षित कमला देवी एवं राजबहादुर यादव के अलावा सौदान सिंह, सुखमेश सिंह आदि मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भंडारा एवं पूर्णाहुति 22 फरवरी को होगी।
उधर, एरवाकटरा विकास खंड के ग्राम पंचायत दोबामाफी के मजरा बोझा में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतिम दिन कन्नौज से आए आचार्य कौशलेंद्र द्विवेदी महाराज ने कहा कि मनुष्य का जन्म बहुत ही बड़े भाग्य से मिलता है। इसलिए जितना हो सके अधिक से अधिक समय भगवान के भजन, पूजन, में बिताया जाना चाहिए। गलत कार्यों से दूर रह अच्छे कार्यों में अधिक समय देना चाहिए। जयवीर सिंह यादव ने बताया कि 22 फरवरी को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
एरवाकटरा के नगला वैश्य गांव में 14 फरवरी से हो रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर शुक्रवार को भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर कथा परीक्षित शीतला देवी व जयप्रकाश मिश्रा के अलावा देवेश मिश्रा, गिरजेश मिश्रा, राहुल, प्रशांत व शिवांक आदि मौजूद रहे। भंडारे में लगभग पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।