औरैया। महंगाई का असर हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। इसका असर इस बार रावण के पुतले पर भी देखने को मिला। दशहरा पर कभी 65 से 70 फिट का जलने वाला रावण का पुतला अब 43 फीट ही रह गया है।
शहर में वर्षों से आयोजित होने वाली रामलीला श्रीराम लीला कमेटी आयोजित कराती है। यही कमेटी तिलक नगर स्थित नुमाइश मैदान में दशहरा मेले का आयोजन करती है और रावण का पुतला दहन का खर्च भी उठाती है। कमेटी के पदाधिकारियों की मानें तो पहले रावण का पुतला 65 से 70 फिट का बनता था। मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले भी जला करते थे। जिसमें लगभग डेढ़ से दो लाख का खर्च आता था, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले जलना बंद हो गए। सिर्फ रावण का पुतला जो 55 तो कभी 60 फीट का जलाया जाने लगा था।
इस बार रावण के पुतले का कद छोटा कर दिया गया है। जिसकी लंबाई 43 फीट के रहेगी। इस बार पटाखे व पुतले को बनाने की सामग्री भी कम की गई है। पुतले के बनने में लगभग 60 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। बताया कि महंगाई के चलते रामलीला पर भी असर पड़ रहा है। पुतला बना रहे जालौन से आए कारीगर सिराज अहमद, हफीज खान, इरशाद खान, मंजू शाह ने बताया कि वह लगभग 15 वर्षों से रावण का पुतला बनाने का काम कर रहे हैं।