कार्तिक पूर्णिमा पर देवकली मंदिर में एक दिवसीय विशाल मेला लगा। इस मेले
में खरीददारी के लिए आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ उमड़ी रही। मेले में
खानपान से लेकर महिलाओं की जरूरतों का सामान भी बिका। मिट्टी के बर्तन
मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। परंपरा के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा
पर यमुना के पत्रिव शेरगढ़ घाट से स्नान कर लौटे श्रद्घालुओं ने देवकली
मंदिर परिसर में लगे मेले का लुफ्त उठाया।
यह मेला प्रत्येक वर्ष कार्तिक
पूर्णिमा के दिन देवकली मंदिर परिसर में आयोजित किया जाता है। मेले में
बच्चों, बड़े, युवतियों व महिलाओं के लिए अलग-अलग स्टाल लगे दिखाई दिए।
मेले में चाट, चाउमीन लेकर मिठाई, जलेबी तक की दुकानें सजी रहीं। वहीं मेले
में मिट्टी के बर्तन, दूध बर्तन, दही कटोरा, गुल्लक, लोटा समेत कई प्रकार
की वैरायटी लगी रही। मेले में लोहे से बने हंसिया, आम कटर, चाकू,
कुल्हाड़ी आदि भी लोहारों ने लगा रखे थे। सुबह से देर शाम तक चले मेले का
सभी ने लुत्फ उठाया।