कालपी। नगर के मोहल्ला अदलसराय के एक मंदिर में अपनी मां के साथ रह रही युवती ने सुबह तड़के मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली और जलन होने पर आग का गोला बनी वह मंदिर प्रांगण में बने कुएं में कूद गई। मंदिर परिसर में भजन पूजन कर रहे लोगों ने जब उसकी चीखें सुनीं तो उसे बचाने दौड़े। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस व अग्निशमन दल के लोगों ने युवती को कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से बाहर निकाला और सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से उसे उरई रेफर कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि वह मानसिक रूप से बीमार थी।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अदलसराय स्थित पाहूलाल देवालय में रहने वाली अर्चना (30) पुत्री मिथलेश ने खुद को आग लगा ली और जलन होने पर आग का गोला बनकर चिल्लाते हुए मंदिर के बगल में स्थित कुएं में कूद गई।
मंदिर प्रांगण में सजी देवी प्रतिमा में भजन कर रहे लोग उसे बचाने के लिए दौडे़ और घटना की सूचना पुलिस को दी। आनन फानन में पहुंची पुलिस ने अग्निशमन दल की टीम को बुलाया। टीम ने मोहल्ले के लोगों की मदद से युवती को गंभीर हालत में बाहर निकाला और सीएचसी में भर्ती कराया।
जहां से चिकित्सकों ने हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि युवती पिछले काफी समय से मानसिक रूप से बीमार है। वह अपनी मां के साथ मंदिर में ही रहती थी। कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।