अमर उजाला ब्यूरो
उरई। साजिश व शरारत के चक्कर में फंसी रेलवे को पुष्पक ट्रेन के चालक से पूछताछ में कोई खास जानकारी नहीं लगी। ट्रेन चालक ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने ट्रैक पर पोल दिखाई दिया था। बोरी नहीं दिखाई दे दी थी। अब आरपीएफ इस बात को लेकर परेशान है कि ट्रैक पर बोरी कैसे आई।
शनिवार की रात लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक ट्रेन के चालक मानसिंह ने ट्रैक पर बोरी व तार फेसिंग वाला पोल होने की जानकारी दी थी। इसके बाद हड़कंप मच गया था। मंगलवार दिन भर आरपीएफ के दारोगा रजनीश राय ट्रेन चालक का इंतजार करते रहे लेकिन जब वह नहीं आया तो बुधवार को दारोगा रजनीश राय झांसी गए और वहां ट्रेन चालक मानसिंह के बयान लिए। ट्रेन चालक ने बताया कि ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे की स्पीड में थी। लिहाजा उसे सिर्फ ट्रैक पर पोल दिखाई दिया था। अब आरपीएफ इस बात को लेकर असमंजस में है कि ट्रैक पर जो बोरी मिली है, वह कहां से आई थी।
क्योंकि पुष्पक के पहले वहां से मालगाड़ी गुजरी थी, उस समय न तो पोल था और न ही बोरी थी। फिर यहां कैसे बोरी आई। यह आरपीएफ नहीं समझ पा रही है।
हालांकि आरपीएफ ने ट्रैक पर पैट्रोलिंग तेज कर दी है। आरपीएफ, जीआरपी, कोतवाली पुलिस व रेलवे का सेफ्टी डिपार्टमेंट अलग अलग जांच कर रहा है।
-शनिवार को ट्रैक पर बोरी व पोल रखे होने का मामला