दिबियापुर (औरैया)। रेडीमेड कपड़ों का लापता व्यापारी रविवार को सकुशल लौट आया। व्यापारी ने थाने में कुबूला कि वह उधारी के तगादों से परेशान होकर इटावा से बंगलुरू चला गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में व्यापारी से पूछताछ कर रही है। इस मामले में दो व्यापारियों के खिलाफ दर्ज हुए अपहरण के मामले का भी पटाक्षेप हो गया। इससे आरोपी व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली है।
सहायल थाना क्षेत्र के ताजपुर छौंक निवासी राजपाल सिंह उर्फ रिंकू की दिबियापुर के रेलवे स्टेशन पर रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। वह एक सप्ताह पहले लापता हो गया था। पत्नी दिव्या ने दो व्यापारियों के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले को लेकर पुलिस की पेशानी पर बल पड़ गए थे। खुलासे में लगी पुलिस को अचानक रविवार को सफलता तब मिल गई जब वह खुद थाने पहुंच गया। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि उसके ऊपर दुकान की उधारी का आठ लाख रुपये का कर्जा है। उधारी चुकता करने की नौबत नहीं आ रही थी।
उधारी देने वाले व्यापारी रोजाना उससे तगादा करते थे। इस पर वह आत्महत्या करने के उद्देश्य से इटावा चला गया था। बाद में उसके पास कई फोन आए तो उसने अपना विचार बदल दिया और बंगलुरू चला गया। व्यापारी ने बताया कि उसने पत्नी दिव्या को बताकर किसी तरह कार्रवाई करने से रोका था लेकिन वह नहीं मानी। इंचार्ज थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि व्यापारी वापस आ गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस कप्तान ने व्यापारी की तलाश में चार टीमें गठित की थी। उधर मामले में आरोपी व्यापारी राजा भैया ने इसे सत्य की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा गलत फंसाया गया था। पुलिस पूछताछ में जो सचाई थी वही बताई थी। अब वह एसपी से मांग करते हैं कि जल्द घटना का पर्दाफाश करे और व्यापारी व उसकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करें।
-पुलिस को आठ लाख रुपये के कर्जा होने की बात बताई
-व्यापारी बोला, पत्नी से कार्रवाई करने से मना किया था
-पुलिस बोली, अभी पूछताछ जारी है, पूछताछ के बाद ही खुलासा करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो