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ट्रैक पर मिला सिंचाई विभाग के अवर अभियंता का शव

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दिबियापुर (औरैया)। फफूंद-कानपुर मेमो के गुजरने के बाद मंगलवार सुबह ट्रैक पर युवक का शव मिला। पर्स में मिले कागजातों के आधार पर शव की शिनाख्त सिंचाई विभाग भोगनीपुर प्रखंड निचली गंगा नहर इटावा के अवर अभियंता के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग औरैया, इटावा के अधिकारी, कर्मचारी व मृतक के परिजन पहुंचे। पुलिस घटना के कारणों का पता लगा रही है।
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सुबह करीब सवा छह बजे जीआरपी फफूंद को मेमो मिला कि प्लेटफार्म संख्या चार के किनारे ट्रैक पर युवक का शव पड़ा है। सूचना पर पहुंचे जीआरपी चौकी इंचार्ज जयकिशोर ने शव की शिनाख्त के प्रयास किए। मृतक के पर्स में पहचान पत्र व आधार कार्ड के साथ कुछ रुपये भी थे। मृतक की पहचान फिरोजाबाद जनपद के गांव नगला खंगर, भदान निवासी संदीप कुमार (32) पुत्र विजय सिंह के रूप में हुई। वह भोगनीपुर प्रखंड निचली गंगा नहर इटावा के अवर अभियंता पद पर कार्यरत थे। इसकी जानकारी होने पर सिंचाई विभाग औरैया के अधिशासी अभियंता पीएस पटेल व अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अवर अभियंता (जेई) की पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं।
बीते वर्ष ही 20 नवंबर 2020 को जेई की सिंचाई विभाग में अवर अभियंता के पद पर तैनाती हुई थी। जेई पर औरैया सेक्शन का चार्ज था। वह औरैया में ही कमरा लेकर रहते थे। माना जा रहा है कि वह अपने घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए फफूंद रेलवे स्टेशन आए थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। हालांकि इस दौरान चर्चा रही कि अवर अभियंता ने आत्महत्या की है। घटना की जानकारी पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भाइयों अरविंद, नरेंद्र सिंह को शव सुपुर्द कर दिया गया। दोनों भाई व अन्य रिश्तेदार कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं दिखे। मृतक के एक बेटा व एक बेटी है। जीआरपी चौकी इंचार्ज जय किशोर गौतम का कहना है कि केवल सिर धड़ से अलग होने के कारण प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है। अभी तक परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
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परिवार व नौकरी के बीच सामंजस्य बनाते टूट गए थे जेई
दिबियापुर (औरैया)। परिस्थितियों के आधार पर माना जा रहा है कि अवर अभियंता संदीप कुमार ने आत्महत्या की है। इसके अलावा विभागीय कर्मियों में तरह तरह की चर्चाएं रहीं। चर्चा रही कि परिवार व नौकरी में सामंजस्य बनाते-बनाते शायद जेई टूट गए थे। कर्मियों के अनुसार जेई पूर्व में अपनी पत्नी के साथ ही तैनाती स्थल के करीब रहते थे। बीते साल नौकरी लगने के बाद संदीप अपने परिवार को अधिक समय नहीं दे पा रहे थे। परिवार और नौकरी के बीच सामंजस्य बना रहे थे। मगर इस बीच काम के दबाव व परिवार के बीच सामंजस्य बनाने के चक्कर में काफी परेशान हो गए। दो अवर अभियंताओं के घरों में शादियां होने के कारण वह छुट्टी पर चले गए थे। इसलिए उनपर काम का दबाव बढ़ गया था। खेतों में फसल की कटाई चल रही है। वहीं विभाग में काम के लिए मजदूरों की जरूरत बढ़ रही थी। मजदूरों की कमी के चलते भी परेशानी आ रही थी। साथी कर्मियों का मानना है कि इन्हीं सब के बीच सामंजस्य बनाने के चक्कर में शायद जेई अधिक दबाव में थे। हालांकि कोई भी कर्मी खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ।
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