औरैया। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) मनराज सिंह ने 15 माह पूर्व सात वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में सेवानिवृत्त हेड मुहर्रिर को 20 साल का कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजना की ओर से मामले की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा व विशेष लोक अभियोजक पाक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि 13 अगस्त 2020 को कोतवाली अजीतमल में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पीड़ित पिता ने बताया था कि वह खेतों पर काम कर रहे थे, जहां उनकी सात वर्षीय पुत्री भी थी। बताया कि इस दौरान वह बाल कटवाने चले गए और पुत्री से कहा कि तुम घर चलो। उनका खेत आरोपी जंडैल सिंह के घर के नजदीक हैं। जब उनकी बेटी घर जाने लगी तो जंडैल सिंह निवासी भौनी का पुर्वा ने प्रसाद देने के बहाने पुत्री को बुलाया और घर से सटी दुकान में ले गया। जहां जलेबी का प्रसाद देने के बहाने पुत्री को बंद कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता किस तरह से जंडैल सिंह के चंगुल से छूटकर लहूलुहान हालत में घर पहुंची। दुष्कर्म के इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट मेें दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मनराज सिंह की कोर्ट में हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने हेड मुहर्रिर जंडैल सिंह पर नरम रुख पर बहस की। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मनराज सिंह ने जंडैल सिंह को 20 साल के कठोर कारावास व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड एक लाख रुपये अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दोषी को इटावा जेल भेज दिया गया है।