फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदेश के कई जिलों फैला साल्वर गैंग का नेटवर्क

विज्ञापन
विज्ञापन
दिबियापुर। सॉल्वर गैंग के लिए फर्जी आधार और प्रवेश पत्र तैयार करना मात्र कुछ देर का काम था। यह लोग परीक्षार्थी की जगह सॉल्वर की फोटो लगाते थे और अगले दिन परीक्षा भी दिला देते थे। पूछताछ में गैंग के लोगों ने कई लोगों की जगह सॉल्वर को बैठाने की बात भी कबूली है। गिरोह के एक सदस्य ने अपने व चाचा के स्थान पर भी सॉल्वर बैठाने की जानकारी पुलिस को दी है।
विज्ञापन

गैंग के सदस्य पूरा खेल आधार और प्रवेश पत्र में परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर की फोटो लगाकर करते थे। यह काम दिबियापुर निवासी अभिषेक उर्फ अमर बखूबी करना जानता था। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि पवन कुमार उर्फ कुशाग्र निवासी कानपुर वेबसाइट तैयार करने का काम करता था। उसके पास विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थी आते थे।
परीक्षार्थी किसी साल्वर के माध्यम से परीक्षा पास कराने के लिए कहते तो उसका प्रवेश पत्र एवं आधार कार्ड ले लिया जाता था। अभिषेक झट से परीक्षार्थी के आधार और प्रवेश पत्र में साल्वर की फोटो लगा देता था। इसके एवज में 30 से 35 हजार रुपये मिलते थे।
विज्ञापन

टीईटी परीक्षा रद्द होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने सॉल्वर गैंग के 11 सदस्यों को सोमवार को गिरफ्तार किया था। इनमें से तीन सदस्यों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने दूसरे के स्थान पर परीक्षा दी। पुलिस पूछताछ में गिरोह के सदस्य ब्रजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ वीरू सिंह सेंगर उर्फ शिवम निवासी रावतपुर बिधूना ने बताया कि वह कानपुर में अंग्रेजी की कोचिंग पढ़ाता था।
पकड़े गए हिमांशु को काफी समय से जानता था। वह हिमांशु के चाचा शिवकांत के स्थान पर टीईटी परीक्षा देने फूलबाग कानपुर गया था। पकड़े गए आरोपी गौतम कुमार निवासी तिर्वा कुल्ली, मल्लावां हरदोई ने भी साल्वर बनकर परीक्षा देने की बात बताई। बताया कि उसने हिमांशु की जगह टीईटी परीक्षा दी थी। पवन और ब्रजेंद्र के कहने पर रीट की भी परीक्षा दी थी। एक अन्य आरोपी अमित राठौर निवासी कहिंजरी, रसूलाबाद कानपुर देहात ने भी पवन के साथ परीक्षा देने की बात स्वीकारी है।
इंसेट
महिला सॉल्वरों पर पुलिस की पैनी नजर
पकड़े गए सॉल्वर गैंग के 11 सदस्यों के पास कई महिलाओं एवं युवतियों के आधार कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस की नजर महिला सॉल्वरों पर टिकी है। इसके साथ ही उन महिला परीक्षार्थियों पर भी है, जिनके स्थान पर महिला सॉल्वरों ने परीक्षाएं दीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए गैंग सदस्य अश्वनी निवासी झींझक के पास पांच फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए। इनमें से चार आधार कार्ड महिलाओं के नाम के हैं। जबकि दिबियापुर निवासी अक्षय यादव के पास भी पांच फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए। इनमें से एक आधार कार्ड महिला का है। इसके बाद पुलिस मान रही है कि गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं।
----------------------
काकादेव में फैला पूरा मकड़जाल
पुलिस गिरफ्त में आए लोगों से पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस की अब तक जांच में एक बात साफ हुई है कि पूरे गैंग का संचालन कानपुर के काकादेव कोचिंग मंडी से होता था। पुलिस ने पकड़े गए 11 में चार को कानपुर के काकादेव, शारदा नगर व गीता नगर व छपेड़ा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया है। यह लोग यहीं पर रहकर कोचिंग पढ़ते थे और सौदा करते थे।
---------
दिबियापुर का द्विवेदी परिवार पुलिस के रडार पर
औरैया जिले के दिबियापुर निवासी एक द्विवेदी परिवार पुलिस के विशेष निशाने पर है। सूत्रों के अनुसार, इस परिवार के लोग पूर्व में प्रदेश के अन्य जिलों में हुईं प्रवेश परीक्षाओं में मुन्ना भाई की भूमिका अदा कर चुके हैं। पुलिस को पांच लोगों की सरगर्मी से तलाश है।
--------
बोले जिम्मेदार---
बड़ा प्रकरण है। अभी पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। कई और लोगों के नाम सामने आए हैं। इनकी भी जांच की जा रही है। जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- शिष्यपाल, अपर पुलिस अधीक्षक।
...........................
प्रदेश के कई जिलों में फैला सॉल्वर गैंग का नेटवर्क
औरैया। प्रतियोगी परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में सामने आया है कि उनका नेटवर्क कई प्रदेशों में फैला है। एडीजी लॉ एंड आर्डर समेत एसटीएफ पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए है। कानपुर और आसपास के जिलों के कई लोगों की संलिप्तता की बात भी सामने आई है। नवंबर माह में हुई टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद एक बात स्पष्ट हो गई कि प्रदेश स्तर पर सॉल्वर गैंग का बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है। चित्रकूट, आगरा समेत आसपास के कई जिलों से सॉल्वर गैंग के सदस्य पकड़े गए। इसके बाद ही धरपकड़ तेज हुई और एडीजी लॉ एंड आर्डर के निर्देश पर सक्रिय हुई एसटीएफ टीम ने दबिश देना शुरू कर दिया। इसी बीच औरैया जिले में भी सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने का सुराग पुलिस मिला था। पुलिस इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें