कंचौसी के ग्राम जोगीडेरा के नाथ संप्रदाय के लोग आज अमर उजाला का नाम लेकर थकते नहीं हैं। अशिक्षित, गरीब और संसाधनहीन इस संप्रदाय के बेसहारा लोगों का अमर उजाला सहारा साबित हुआ। शासन की योजनाएं हों या आपदा हर कदम पर अमर उजाला ने इनके हितों में सुर से सुर मिलाया है।
इस संप्रदाय के 60 वर्षीय सूरदास नाथ जन्म से अंधे व अविवाहित हैं। नौ जुलाई 2014 ग्राम जोगीडेरा के नाथ संप्रदाय के लिए आपदा बनकर आई। गांव में हुए भीषण अग्निकांड में नाथ संप्रदाय के लोगों का सब कुछ उजड़ गया था। इसी अग्निकांड में सूरदास नाथ का आशियाना और गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया था।
अंधे होने के कारण आग से सूरदास बुरी तरह झुलस गए थे। शासन-प्रशासन सूरदास को न तो इलाज मुहैया करा और न ही खाद्यान्न। गांव के बाहर सूरदास घायलावस्था में कराहते हुए मिले थे। अंधे सूरदास की अमर उजाला लाठी बना।
सूरदास को लेकर अमर उजाला का यह अभियान रंग लाया, उसे बेहतर उपचार तो मिला ही, साथ ही उसे इंदिरा आवास व पीडीएस खाद्यान्न की भी सुविधा मिल सकी। सूरदास को लेकर छेड़ी गई अमर उजाला की मुहिम की आज भी ग्राम जोगीडेरा में रह रहे नाथ संप्रदाय के लोग भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं।