संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। वित्तीय वर्ष समाप्ति के बीच आचार संहिता के अडंगे के कारण जिले में विकास कार्य रुके पड़े हैं। काम शुरू न हो पाने के कारण पीडब्ल्यूडी को कई कामों के लिए आवंटित रुपये शासन को वापस करने पड़े।
इस बीच विभाग ने विभिन्न मदों में आवंटित रुपयों का 10 से लेकर 30 फीसदी तक रुपये खर्च करके शेष रुपया वापस कर दिया है ताकि चुनाव के बाद काम को दोबारा स्वीकृत कराने के लिए विभाग को परेशान न होना पड़े।
20 लाख का ही हो पाया इस्तेमाल
केस-1
1.68 करोड़ रुपये से बेला-बिधूना मार्ग से हसेरन तक पांच किलोमीटर लंबी सड़क के पुर्न निर्माण का प्रस्ताव फरवरी माह में पास हुआ था। इसके लिए 1.10 करोड़ रुपये आवंटित भी हो गया था, लेकिन केवल पटरी की साफ-सफाई आदि का काम ही शुरू हो पाया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार लगभग 20 लाख रुपये सामग्री आदि खरीद में प्रयोग कर लिए गए हैं। शेष 90 लाख रुपए वापस कर दिए गए हैं।
आचार संहिता से रुका काम
केस-2
14.5 करोड़ रुपये से 8.7 किलोमीटर लंबे सहार बिधूना मार्ग का चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। इसके लिए मार्च के दूसरे सप्ताह में 362.60 लाख (लगभग 3.62 करोड़ ) रुपये शासन से अवमुक्त हुए थे। अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। इसके चलते पोल शिफ्ट करने के लिए बिजली विभाग को दे दिया है। टैक्स आदि के लिए जमा करके एवं कुछ सामान खरीद के बाद तीन करोड़ रुपये वापस कर दिए गए हैं। बताते हैं कि आचार संहिता समाप्त होने पर टेंडर चार जून के बाद खुलेगा, तब काम शुरू हो जाएगा।
शासनादेश जारी होने में देरी
केस-3
मार्च में ही बेला से असेनी तक 19 किलोमीटर सड़क के जीर्णोद्धार के लिए शासनादेश जारी हुआ था। सात करोड़ की लागत से होने वाले काम के लिए केवल एक लाख रुपये ही शासन से अवमुक्त हुआ था। देरी से शासनादेश जारी होने के कारण टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अधिकारियों के अनुसार शासन से अवमुक्त एक लाख रुपये के बजट का प्रयोग तारकोल खरीदने में कर लिया गया है।
आवश्यक सामग्री नहीं मिली
केस-4
अक्तूबर 2023 में दिबियापुर में 3.22 करोड़ रुपये से प्रस्तावित नए नहर पुल के लिए 2.58 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। इसकी टेंडरिंग प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन पुल बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही थी। इसके कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार टैक्स आदि का रुपया जमा कर दिया गया है। लगभग 90 फीसदी रुपये वापस कर दिया गया है।
टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी नहीं
केस-5
दिसंबर 2023 में अजीतमल ब्लाॅक से तहसील तक बनने वाली फीडर रोड के लिए शासनादेश जारी हुआ था। 2.65 करोड़ रुपयों से बनने वाली सड़क के लिए 1.32 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। लेकिन कई बार टेंडरिंग प्रक्रिया में व्यवधान होने के कारण अभी तक टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और काम भी शुरू नहीं हो पाया। इस मद में आवंटित लगभग 90 फीसदी रुपये वापस करना पड़ा।
इंसेट -
वर्जन-1
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड से संबंधित बेला बिधूना मार्ग से हसेरन तक सड़क पुर्न निर्माण, सहार-बिधूना मार्ग के चौड़ीकरण, बेला-असेनी मार्ग के जीर्णोद्धार का काम स्वीकृत हुआ था। आवंटित रुपयों को आवश्यक मदों में खर्च करके शेष रुपया वापस कर दिया गया है। ताकि संबंधित कार्यों को शासन से दोबारा स्वीकृत न कराना पड़े। विनोद यादव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड
वर्जन-2
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड से संबंधित दिबियापुर नहर पुल एवं अजीतमल फीडर रोड का निर्माण कार्य अलग-अलग कारणों से शुरू नहीं हो सके। विभिन्न टैक्सों एवं अन्य मदों में लगभग 10 प्रतिशत रूपया खर्च करके शेष वापस कर दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में आसानी से शेष रुपया मिल जाएगा और आचार संहिता समाप्ति के बाद दोबारा काम शुरू करा लिया जाएगा। अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड