फोटो -15- शिक्षामित्र का मोबाइल छीनने के लिए आते बीईओ। स्रोत:सोशल मीडिया
दिबियापुर। स्वतंत्रता दिवस के पर्व पर पूरा देश राष्ट्रध्वज के सम्मान में नतमस्तक था, वहीं भाग्यनगर ब्लॉक के बीआरसी केंद्र पर ध्वजारोहण के तौर-तरीकों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। 15 अगस्त की सुबह बीआरसी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में तिरंगा फहराने के नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाते हुए एक शिक्षामित्र ने आपत्ति जताई, इसके बाद बीईओ दाताराम और शिक्षामित्र के बीच नोकझोंक हुई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
घटना बेला रोड स्थित बीआरसी भाग्यनगर की है। सुबह करीब 8:01 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम तय था। आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस के निर्धारित नियमों के तहत तिरंगे को नीचे से ऊपर की ओर खींचकर फहराने के बजाय ध्वज को पहले से ही छत पर ले जाकर बांध दिया गया था और बाद में केवल खोलकर फहरा दिया गया। मौके पर मौजूद शिक्षामित्र ने इस पर ऐतराज जताया।
शिक्षामित्र का तर्क था कि स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण की एक विशिष्ट प्रक्रिया होती है, इसमें राष्ट्रीय ध्वज को नीचे से ऊपर ले जाकर फहराया जाता है जबकि पहले से बंधे ध्वज को फहराना गणतंत्र दिवस की परंपरा का हिस्सा है। नियमों का उल्लंघन होता देख एक शिक्षामित्र ने अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी बात से नाराज होकर बीईओ दाताराम आपा खो बैठे और शिक्षामित्र को वीडियो बनाने से रोकते हुए अपने विद्यालय वापस लौटने का फरमान सुना दिया।
देखते-ही-देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच नोकझोंक होने लगी। विवाद का वीडियो वायरल होते ही विभाग में खलबली मच गई। शिक्षकों का कहना है कि जब स्कूलों में बच्चों को राष्ट्रध्वज के मान-सम्मान और नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है, तब जिम्मेदार अधिकारी खुद ही नियमों की अनदेखी कैसे कर सकते हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद जब पूरे घटनाक्रम पर बीएसए संजीव कुमार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।