औरैया। कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना नदी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। मगर यमुना नदी के किनारे हालात बहुत खराब हैं। बिसरातों (स्नान घाट) की सीढ़ियों पर नदी में आई बाढ़ की मिट्टी जमा है। जिला प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। जिस कारण यमुना नदी में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच से जाकर यमुना के पानी में डुबकी लगानी होगी।
कार्तिक पूर्णिमा आज है। आज लोग उपवास रखते हैं और स्नान व पूजन के बाद जल ग्रहण करते हैं। शहर से महज पांच किलोमीटर दूर यमुना नदी पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन काफी भीड़ रहती है। हालांकि अधिकारियों की अनदेखी के कारण यमुना नदी का पानी काफी मैला है। नदी के तटों पर जगह-जगह गंदगी व कीचड़ नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं को यमुना नदी के किनारे बहने वाले गंदे पानी और गंदगी के बीच जाकर स्नान करना पड़ेगा। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होगी। महिलाओं के स्नान करने वाले स्थान पर गंदगी है। सीढ़ियों पर फिसलन है।
इधर, यमुना तट को स्वच्छ बनाए रखने के लिए विचित्र पहल संस्था के पदाधिकारियों ने प्रयास किया। समाजसेवियों ने तटों पर रविवार सुबह दो घंटे तक सफाई अभियान चलाया था। इधर प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग न मिलने से समाजसेवियों का सपना साकार नहीं हो सका है।
यातायात प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना नदी पर श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी है। जिसको लेकर सिपाहियों के साथ मिलकर रुपरेखा बनाई है। बताया कि पुल पर वाहन अधिक नजर आने पर उन्हें जालौन रोड पर एक स्थान पर खड़ा कराने की व्यवस्था की जाएगी। चौकी के समीप, जालौन चौराहा और खानपुर चौराहे पर ट्रैफिक सिपाही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखेंगे।