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तेल में 40 फीसदी और सोयाबीन बरी के दाम दोगुने हुए

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औरैया। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार वृद्धि के बाद महंगाई का असर खाद्य पदार्थों पर भी पड़ा है। लगातार इनके दामों में इजाफा हो रहा है। सालभर में खाद्य तेल के दाम 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जबकि सोयाबीन बरी की कीमत दोगुने हो गई है। वहीं आटा, दाल, चाय पत्ती से लेकर शक्कर तक के दामों में इजाफा हुआ है।
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खाद्य पदार्थों पर लगातार महंगाई का तड़का लग रहा है। खाने-पीने के चीजों के दाम बढ़ने से महंगाई ने जनता की कमर तोड़ दी है। खाने की थाली तैयार करने में जरूरी सब्जियों से लेकर मसाले और तेल से लेकर घी तक दामों में इजाफा हुआ है। किराना व्यापारी संजय दीक्षित ने बताया एक साल में सरसों का तेल, रिफाइंड और डालडा 40 फीसदी से ज्यादा मंहगा हुआ है। इसके पीछे का कारण किसानों की फसल खराब होना बताया जा रहा है। उन्होंने बताया खाद्य तेलों में बढ़ोत्तरी की वजह से सोयाबीन बरी की कीमतों में भी सालभर में दोगुनी हो गई है। व्यापारी बृजेंद्र गुप्ता ने बताया दाल की कीमतों में इजाफा हुआ है।
ड्राई फूड्स के दोगुने हुए दाम
एक साल में ड्राई फूड्स के दामों में तेजी से उछाल आया है। कुछ ड्राई फूड्स के दामों में दोगुने तक इजाफा हुआ है। व्यापारी रत्नेश पोरवाल ने बताया बादाम के दाम सालभर में 570 से 900 रुपये हो गया है। एक सप्ताह पहले ही 1100 रुपये में बिका है। वहीं अंजीर 700 से 750, झोला 150 से 210, खसखस के दाने 1100 से 1800, काजू 600 से 680, अखरोट 500 से 600, चिरौजी 900 से 1200, मुनक्का 320 से 700 रुपये किलो सालभर में पहुंच गया है। उन्होंने बताया फसल खराब होने और विदेशों में निर्यात बढ़ने के कारण ड्राई फूड्स के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा कोरोना की वजह से इम्यूनिटी बढ़ाने के कारण मांग बढ़ी है। जबकि महामारी में किसानों ने बुआई कम की। इस वजह से भी दामों में इजाफा हुआ।
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खाद्य पदार्थों के एक साल में बढ़े दाम
खाद्य पदार्थ एक साल पूर्व अब
देशी घी 400 500
सरसों तेल 110 180
रिफाइंड 90 155
डालडा 85 140
शक्कर 35 42
सोयाबीन बरी 65 120
अरहर दाल 80 110
मसूर दाल 60 95
बेसन 60 80
मूंगफली दाना 70 110
धनिया 80 110
हल्दी 90 120
लाल मिर्च 160 180
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फोटो 02 एयूआरपी 10 - अर्चना दुबे
खाद्य पदार्थों के लगातार दाम बढ़ने से किचन का बजट गड़बड़ा गया है। तेल से लेकर दाल तक के दाम कम होने चाहिए। महंगाई से घरों का बजट बिगड़ा है। अर्चना दुबे, गृहणी
फोटो 02 एयूआरपी 11 - प्रीती दुबे
खानपान की चीजें लगातार मंहगी हो रही हैं। सरसों से लेकर रिफाइंड तेल के दाम बेकाबू हो रहे हैं। अन्य खर्चों में कटौती कर रहीं हैं। फिर भी बजट नहीं सुधर रहा। प्रीती दुबे, गृहणी
फोटो 02 एयूआरपी 12 - आशा गुप्ता
महंगाई ने सभी को परेशान कर रखा है। लगातार खाद्य पदार्थ मंहगे होने से सोच-समझकर सामान खरीदना पड़ता है। दाम गिरने चाहिए। जिससे घरों के बजट में सुधार आए। आशा गुप्ता, गृहणी
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