बेला (औरैया)। ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बेपटरी होने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ीं हैं। मौजूदा समय में मुश्किल से 10 घंटे आपूर्ति मिलने के लोग गर्मी से लोग परेशान रहते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेती का काम भी प्रभावित होता है। इस कारण ग्रामीणों में नाराजगी है।
विद्युत इकाइयों पर छाए कोयले के संकट का असर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पर दिखाई दे रहा है। पुरवा सुजान उपकेंद्र से 15 दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। जिसके चलते लोगों का गर्मी से बुरा हाल है। वहीं छोटे कुटीर उद्योग-धंधे भी आपूर्ति न मिल पाने से प्रभावित हो रहे है। आपूर्ति का समय भी निश्चित न होने से लोगों की मुश्किल बढ़ती जा रहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आटा-चक्की, धंधे प्रभावित होने लगे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो बिजली न मिलने से कई इलेक्ट्रानिक कारीगर दिन में पूरे दिन खाली बैठने को मजबूर हो रहे हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोग गर्मी के साथ पानी के संकट से भी अब जूझने लगे हैं। आपूर्ति बाधित होने से भदौरा, पिपरौली शिव, मल्हौसी, नीमहार, रावतपूर्वा, पटना, कुर्सी, निवादा धांधू, पूर्वा दूजे, सिरयावा, दलकपुर आदि ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ने लगीं हैं। उपखंड अधिकारी वैशाली ने बताया कि कोयले की आंशिक कमी के चलते आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित है। उत्पादन फिर से सुचारु करने के सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सामान्य कर ली जाएगी। उपभोक्ताओं को संयम बरतने की जरूरत है।
जनसेवा केंद्र संचालक बेला निवासी बबलू मिश्रा ने कहा कि बिजली व्यवस्था बेपटरी है। 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। जिससे समस्याएं बढ़ने लगीं है। प्रशासन को ठोस कदम उठाना होगा।
आटा चक्की संचालक बांधमऊ निवासी रोहित तिवारी ने बताया कि आपूर्ति दुरुस्त न होने से चक्की नहीं चल पा रही है। जिससे समस्याएं बढ़ने लगीं हैं। विभाग को स्थिति में सुधार करना चाहिए।