औरैया। शहर स्थित 50 शैया अस्पताल में लंबे समय से चेस्ट एवं हार्ट रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में सर्दी के सख्त रुख के कारण हार्ट के मरीजों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। पिछले पांच दिनों में हार्ट अटैक से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हर रोज 10 से 15 मरीज सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ठंडक बढ़ने के साथ ही इन मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है।
सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में न्यूनतम तापमान पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। सुबह और रात के समय तेज ठंड का अहसास होने लगा है। मौसम में देखने को मिल रही ठंडक के कारण हार्ट अटैक का लोगों में खतरा बढ़ गया है। सभी मरीज हार्ट की समस्या से ग्रसित थे। उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।
दो मरीजों की उम्र 50 से अधिक थी। सीने में दर्द, हार्ट के लगभग 10 से 15 मरीज हर रोज अस्पताल पहुंच रहे हैं। रात में भी इस तरह के मरीज इमरजेंसी में भी पहुंच रहे हैं। डॉक्टर के मुताबिक अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक आ रही। जो लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित रहे हैं। तापमान में गिरावट का असर उम्रदराज के साथ-साथ युवाओं में भी देखने को मिल रहा है।
बचाव के उपाय और बरतें सावधानी
- ऊनी कपड़े पहने और शरीर को ढककर रखें, कैप का प्रयोग करें।
- मौसम को देखते हुए मॉर्निंगवॉक पर न निकलें।
- सीने में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन न करें।
- लेफ्ट साइड में होने वाले दर्द को नजर अंदाज न करें।
- चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- हरे पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करें।
- देर रात तक न जागें और पर्याप्त नींद लें।
- सुबह के समय हल्की एक्सरसाइज करें।
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सर्दियों में बढ़ जाता हार्ट अटैक का खतरा
50 शैया युक्त जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर विनोद कुमार ने बताया कि सर्दियों की सुबह हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। सर्दी का मौसम आते ही हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल सर्दियों में शरीर की रक्त की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे उसके अंदर खून के सुचारू प्रवाह में व्यवधान उत्पन्न हो जाता है। इससे हार्ट को ब्लड पंप करने में समस्या होती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बढ़ा ब्लड प्रेशर हार्ट की मांसपेशियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल देता है। इससे सीने में दर्द बढ़ जाता है। सीने में इस दर्ज को एनजाइना कहते हैं। यह हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है।