औरैया। समाज कल्याण विभाग में हुए गबन के मामले में सीडीओ मंगलवार को कार्यालय पहुंचे और कई अभिलेख कब्जे में लिए। इसके साथ ही अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न मद के लाभार्थियों के खातों का बैंकों से ब्योरा मांगा। जांच शुरू होने से कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने मंगलवार को समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंचकर गबन के मामले में जांच की। उन्होंने जनपद स्तरीय समिति से स्वीकृत लाभार्थियों की सूची, टोकनवार आहरित किए गए लाभार्थियों की सूची देखी। इसके साथ ही आहरित किए गए टोकन का लेखा शीर्षक, वित्तीय वर्ष 2021-22 में उक्त मद में कितना पैसा मिला, कितना खर्च किया गया, फेल ट्रांजेक्शन में भुगतान किए गए लाभार्थियों की सूची आदि की जानकारी ली।
सीडीओ ने बताया कि 377 लाभार्थियों के खातों में अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न मद की धनराशि भेजी गई है। सभी लाभार्थियों के संबंधित ब्लॉक के बीडीओ को बैंकों से उनके बैंक खाते और भेजी गई धनराशि का सत्यापन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो दिन के अंदर रिपोर्ट कार्यालय को देने के निर्देश हैं। रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि लोहिया नगर, दिबियापुर निवासी शिवम सिंह ने अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न के मद में गबन जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक पर 25 लाख रुपये अपने सगे संबंधियों के खाते में स्थानांतरित करने का आरोप लगाया था। इस मामले में कोषाधिकारी भी अपने स्तर से अभिलेखों की पड़ताल करा रहे हैं।