औरैया। महाकुंभ में रोडवेज बसों के जाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात यह हैं कि लोकल मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
सबसे अधिक परेशानी उरई, झांसी, इटावा और कन्नौज मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को हुईं। कानपुर के लिए तो बस दो घंटे बाद मिली। औरैया डिपो में 70 बसों से विभिन्न मार्गों पर संचालन किया जाता है।
यह बसें आगरा, दिल्ली, मथुरा, कानुपर, लखनऊ, कन्नौज, झांसी, रसूलाबाद आदि मार्गों पर संचालित होती हैं। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में उमड़ने वाली भीड़ को आवागमन में परेशानी न हो, इसकाे देखते हुए शासन के निर्देश पर डिपो की 60 बसों को प्रयागराज भेजा गया है। इससे लोकल स्तर पर लोगों को परेशानी हो रही है।
बता दें कि पहले 56 बसों की मांग की गई थी, लेकिन बाद में बसों की संख्या बढ़ाई गई। 26 जनवरी की शाम तक शासन की मांग के अनुसार 60 बसों को भेज दिया गया है। अब डिपो में मौजूद 10 बसों से विभागीय अधिकारी विभिन्न रूटों पर संचालन व्यवस्था रणनीति बनाकर कर रहे थे, लेकिन उनकी रणनीति सोमवार को धड़ाम होती दिखी।
यात्री बोले-बसों की कमी
सोमवार की सुबह 10 बजे के बाद इटावा, झांसी, उरई, कन्नौज, रसूलाबाद, कंचौसी जाने के लिए बसों की कमी की मार झेलनी पड़ी। इन मार्गों पर सफर करने वाले डिपो परिसर में घंटों इंतजार के बाद खानपुर और जालौन चौराहा तक डग्गामार वाहनों की तलाश में भटकते दिखे। तो वहीं कानपुर, लखनऊ जाने वाले यात्रियों को लगभग डेढ़ से दो घंटे बाद दूसरे डिपो की दिल्ली से कानपुर की ओर जाने वाली बसें मिली।
लोकल रूटों पर बसों की संख्या कम होने से दिक्कतें आ सकती है। हालांकि अभी किसी तरह की समस्या नहीं देखने को मिली। यात्रियों की संख्या को देखते हुए लोकल के मार्गों पर बसों का संचालन किया जा रहा है।- अपर्णा मीनाक्षी, एआरएम