सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव पढ़ीन में सोमवार की सुबह पूर्व फौजी सुरेंद्र सिंह (75) ने अपनी लाइसेंसी दो नाली बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें अकेलेपन से ऊबकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पूर्व फौजी सुरेंद्र सिंह (75) पुत्र रघुवीर सिंह फौज में था। ज्वाइन करने के पांच साल बाद ही उसने नौकरी छोड़ दी थी। पहले अपनी भतीजी छोना पुत्री दीवान सिंह के साथ औरैया में उसके ढाबे पर रहता था।
कुछ दिन पहले ही वह पढ़ीन गांव स्थित अपने घर में आकर रहने लगा था। उसने विवाह नहीं किया था। सोमवार की सुबह गांव का एक व्यक्ति उसे खाना देने के लिए पहुंचा तो चैनल में अंदर से ताला बंद मिला।
इस पर उसने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर खिड़की से झांककर देखा तो कमरे में बेड पर सुरेंद्र सिंह का शव पड़ा था। उसने तुरंत गांव वालों के साथ पुलिस को सूचना दी।
जानकारी मिलते ही कोतवाली इंस्पेक्टर शशांक राजपूत व एसआई जितेंद्र कुमार ने पहुंचकर चैनल का ताला तोड़कर शव को कब्जे में लिया।
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने मामले की छानबीन करने के बाद फोरेंसिक टीम बुलाकर सैंपल एकत्र कराया।
सीओ सिटी ने बताया कि तलाशी के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आत्महत्या करने के पीछे अपने अकेलेपन से ऊबना लिखा है।
पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र सिंह फौज में था। पांच साल बाद ही नौकरी छोड़ दी थी। वह चार भाइयों में सबसे छोटा था।
उसके दो भाई पुलिस में थे। उनका भी सेवानिवृत्त होने के बाद निधन हो चुका है। सबसे बड़े भाई के दो पुत्रियां हैं। उनकी शादी हो चुकी है।
---