दिबियापुर (औरैया)। आज बाल दिवस है। बाल दिवस का मतलब है बच्चों का दिवस। बाल दिवस पर बच्चों की चर्चा न हो जो समाज की जागरुकता के लिए जुटे हैं। तो बाल दिवस मनाना बेमानी लगता है। आज हम बात कर रहे हैं स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज सहार के उन छह छात्रों की जो ‘वारि टोली’ बनाकर गांव-गांव जाकर जल संरक्षण की अलख जगा रहे हैं।
पानी बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज सहार के छह छात्रों ने 22 मार्च 2021 से एक अभिनव की पहल की थी। इंटरमीडिएट गणित वर्ग के छात्र दिलीप कुशवाहा, नितिन कुमार, हरितोष कुमार, सौरभ कश्यप, अमित कुमार और सचिन कश्यप ने विज्ञान शिक्षक रामेंद्र कुशवाहा के निर्देशन में ‘वारि टोली’ नाम से शार्ट फिल्में बनाकर लोगों को जल संरक्षण का महत्व बताना शुरू किया।
इससे छात्रों के अभियान को खूब सराहना मिली। बाद में छात्रों ने इस अभियान के लिए जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर दिया। अब छात्र स्कूल के आसपास गांवों में जाकर लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करते नजर आते हैं। लोगों को जल बचाने की शपथ दिलाते हैं। छात्र ग्रामीणों को बताते हैं कि पानी को बचाएं, लेकिन इकट्ठा न होने दें। नहीं तो बीमारियां फैलेंगी। वह बताते हैं कि भूगर्भ जल की कमी होने से जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। यदि अभी नही चेते तो जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। (संवाद)
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने की टोली की तारीफ
‘वारि टोली’ अप्रैल में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की तारीफ पा चुकी है। 14 अप्रैल 2021 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने कार्यालय की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ‘वारि टोली’ की तारीफ की थी। लिखा था कि सुरक्षित जल, सुरक्षित कल, राष्ट्रीय जल दिवस के अवसर पर औरैया के स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज सहार के छात्रों की तारीफ है। अपनी मार्मिक लघु फिल्मों के जरिए जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश। बच्चे सिखा रहे हैं हम बड़ों को सामूहिक जल प्रबंधन का महत्व। लघु फिल्म सुरक्षित जल सुरक्षित कल का लिंक भी साझा किया था।
अब तक के नौ गांवों को किया जागरूक
वारि टोली अब तक गांव गपचरियापुर, किचहिया, सिरसानी, पुर्वा खुते, नुनारी, मड़ोकमीत, भगवन्तापुर, तिलकपुर, देवीदास में चौपाल लगाकर लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया है।
बनाई शॉर्ट फिल्में
पानी की प्यास, सुरक्षित जल सुरक्षित कल, कैच द रेन रिमूव द पेन, प्रदूषण धुआं धुआं, पानी और पादप, चौपाल आदि शार्ट फिल्म बना कर जागरूक किया गया है।