औरैया। पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी से शादी और अवैध संबंध बनाने के इरादे से अगवा करने और दुष्कर्म के आरोपी रंजीत की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का अपराध न केवल गंभीर है बल्कि समाज को नुकसान पहुंचाने वाला भी है।
अछल्दा थाना क्षेत्र के एक गांव से 16 फरवरी 2026 को 15 वर्षीय किशोरी घर से लापता हो गई थी। किशोरी घर से अपनी मां के जेवर और 21600 रुपये भी साथ ले गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि फर्रुखाबाद निवासी आरोपी रंजीत की किशोरी से फेसबुक के जरिए बातचीत होती थी। किशोरी ने अपने बयानों में बताया कि आरोपी ने उसे इटावा रेलवे स्टेशन बुलाया और वहां से अपने गांव ले जाकर मंदिर में जबरन शादी कर ली और पति-पत्नी की तरह रहने लगा।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि पीड़िता अपनी मर्जी से गई थी और आरोपी को गलत तरीके से फंसाया गया है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने पीड़िता की आयु का प्रमाण पत्र पेश किया, जिसमें उसकी जन्मतिथि सात जुलाई 2008 थी।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि पीड़िता किशोरी है, इसलिए उसकी सहमति का कानून में कोई महत्व नहीं रह जाता।
कोर्ट ने माना कि आरोपी का अपराध आजीवन कारावास तक की सजा से दंडनीय है। जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों और पीड़िता को प्रभावित कर सकता है। इन तथ्यों को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी रंजीत की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।