औरैया। हाडड्रा कारोबारी दिलीप हत्याकांड में प्रेमी अनुराग के बाद अब कातिल दुल्हन प्रगति की जमानत खारिज भीहो गई। उसने भी अधिवक्ता के जरिए सत्र न्यायालय में जमानत की अर्जी डाली थी। इसे जिला सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने नामंजूर कर दिया।
मैनपुरी निवासी हाइड्रा कारोबारी दिलीप की पांच मार्च को सियापुर की प्रगति से शादी हुई थी। शादी के 15 दिन बाद 19 मार्च को सहार क्षेत्र के पटना नहर पुल समीप हाइड्रा कारोबारी दिलीप पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। उसे मृत समझकर हमलावर भाग खड़े हुए थे। दो दिन बाद घायल दिलीप ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
जांच में पुलिस ने दिलीप हत्याकांड में उसकी पत्नी प्रगति व प्रेमी अनुराग समेत शूटर रामजी नागर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पत्नी प्रगति व उसके प्रेमी अनुराग ने दिलीप को रास्ते से हटाकर संपत्ति हथियाने की प्लानिंग बताई थी। वहीं अनुराग के मौसेरे भाई दुर्लभ यादव, शिवम व चमरौआ प्रधान रामू यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
हाल ही में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके बाद चमरौआ प्रधान जमानत पर बाहर आ गया था। मंगलवार को जहां प्रेमी अनुराग की जिला सत्र न्यायालय ने जमानत की याचिका खारिज की थी, वहीं बुधवार को प्रगति की भी जमानत अर्जी निरस्त कर दी। सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने अनुराग के बाद अब प्रगति की भी जमानत याचिका खारिज कर दी है।