औरैया। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सिर्फ कहने के लिए बेहतर है, लेकिन हकीकत में स्थिति बदहाल है। जिले के सात में चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने वाले मरीजों को एक्सरे के लिए 30 से 50 किलोमीटर तक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में न उनकी जेब पर बोझ पड़ रहा है, बल्कि समय रहते इलाज नहीं मिल पा रहा है।
ब्लॉक स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य सेवा की मुख्य कड़ी माना जाता है। इनमें प्रसव, जनरल सर्जरी, आंख के ऑपरेशन, एक्सरे, पैथोलॉजी की सुविधा के साथ बाल रोग, नेत्र रोग, सर्जन, आर्थो सर्जन, फिजिशियन समेत विशेषज्ञ तैनात किए जाते हैं। मगर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सात स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन ज्यादातर में सुविधाओं का अभाव है, डॉक्टरों की कमी के साथ एक्सरे, खून की जांच, अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकना पड़ रहा है। दशकों से बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को आज तक जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक्स-रे मशीनें, डार्करूम असिस्टेंट, तकनीकी सहायक की कमी को पूरा नहीं कर सका।
इन स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं एक्सरे की सुविधा
स्वास्थ्य केंद्र अयाना
बीहड़ क्षेत्र के अयाना अस्पताल में दशकों बीत जाने के बाद भी स्थिति बदहाल है। यहां पर प्रतिदिन 100 से 150 मरीजों की ओपीडी होती है। जिसमें बीहड़ क्षेत्र के गांव जुहीखा, भरतौल, शिखरना, पाकर, बीझलपुर समेत कई गांव के मरीज पहुंचते हैं। बावजूद इसके एक्सरे व ब्लड जांच की सुविधा नहीं है। चिकित्सक मजबूरन अस्पताल से 30 किलोमीटर दूर 100 शय्या अस्पताल के लिए रेफर करते हैं।
स्वास्थ्य केंद्र सहार
सहार स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र के शाहबाजपुर, पुरवातरा, मदारीपुरवा, भूलाहार, नारायणपुर समेत कई गांवों से 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से जांच और एक्सरे के लिए 10-15 मरीजों को 15 किलोमीटर दूर दिबियापुर स्वास्थ्य केंद्र व 30 किलोमीटर दूर 100 शय्या अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है। इससे मरीजों को परेशानी होती है और समय से इलाज नहीं मिल पा रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र बेला
बिधूना तहसील के एरवाकटरा, अछल्दा और बेला स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग बेहतर सेवाएं देने का दम भर रहा है। अस्पतालों को संचालित हुए वर्षों गुजर गए, लेकिन न तो एक्सरे मशीन मुहैया हुई और न ही टेक्निशियन की तैनाती। यही कारण है कि इन अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को लगभग 30 किलोमीटर दूर बिधूना सीएचसी या फिर 50 किलोमीटर के करीब 100 शय्या अस्पताल भेजा जा रहा है।
जांच की सुविधाएं भी नहीं
दिबियापुर, अजीतमल और बिधूना को छोड़ कर सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सीबीसी जांच की सुविधा नहीं है। इसमें टायफाइड, मलेरिया, एचआईवी, ब्लडग्रुप, प्रसव संबंधी जांच, लीवर, हेपेटाइटिस आदि जांच नहीं हो रही है। इससे भी मरीजों को परेशानी होती है।
बोले जिम्मेदार
स्वास्थ्य केंद्रों में कुछ जगह टेक्निशियन न होने के कारण एक्सरे की सुविधा नहीं है। पास के अस्पतालों में मरीजों को भेजा जा रहा है। लगातार रिक्तपदों को भरने के साथ खामियां सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सरे सुविधा मुहैया कराई जाएगी। कुछ जगह मशीन भी है, जहां नहीं है वहां व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ