औरैया। शीतलहर और ठंड में गोशालाओं में गोवंश ठिठुर रहे हैं। गोशालाओं का संचालन करने वाले लोग ठंड से बचाव के इंतजाम किए जाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी गोवंश ठंड लगने से बीमार हो रहे हैं। खुले में टिनशेड और तिरपाल के आधे-अधूरे इंतजाम गोवंशों के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।
जिले में 44 गोशालाएं संचालित हो रहीं हैं। जिनमें करीब 45 सौ गोवंशों को आश्रय दिया गया है। गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए नीचे फर्श, ऊपर टिनशेड और साइडों में टाट लटकाए हुए हैं, लेकिन प्रशासन के निर्देश के बाद भी प्रत्येक गोवंश के ऊपर अलग से झूल नहीं डाले जा रहे हैं। जिससे गलन भरी ठंड में बेजुबान बेहाल हैं और ठंड लगने से बीमार हो रहे हैं।
एरवाकटरा क्षेत्र में गोशालाओं का बुरा हाल
एरवाकटरा ब्लॉक की एरवाकुटीर में 57, सूरजपुर में 60, बीबीपुर में 55, दिलीपुर बरौना कलां में 90, हिन्नापुर सरांयशीश में 50 के करीब गोवंश हैं। इन गोशालाओं में संचालक पर्याप्त संसाधन होने की बात कह रहे हैं। इसके बाद भी गोवंशों का बुरा हाल है। ठंड से ठिठुरने के साथ इन गोशालाओं में मौके पर पर्याप्त चारे का इंतजाम नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि इनमें क्षमता अधिक होने के बाद भी अन्ना मवेशियों को पकड़ कर गोशाला तक नहीं लाया जा रहा है। एडीओ पंचायत विमल कुमार ने बताया कि गोशालाओं में पर्याप्त इंतजाम है। गोशालाओं को संरक्षण देने के लिए कुछ जगहों पर गोशाला निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही निर्माण करा कर अन्ना मवेशियों को उसमें रखा जाएगा।
पौथी गोशाला में ठंड से बीमार गोवंश की मौत
सहायल संवाद के अनुसार जिले में गोशालाओं की एक बार फिर से अनदेखी शुरू हो गई है। पिछले कई दिनों से सहार ब्लॉक के पौथी और अजीतमल ब्लॉक के अमावता में दो गोवंशों की ठंड से मौत हो चुकी है। सोमवार को पौथी गोशाला में दो गोवंश बीमार मिले, जिसमें से एक की कुछ देर बाद मौत हो गई। सेवादार विपिन कुमार ने बताया कि ठंड से बचाने के लिए टिनशेड के नीचे तिरपाल लगाया गया है। जो गोवंश बीमार हैं, उनकी जानकारी पशु चिकित्सक को दी गई है। वहीं, सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हिरदेश कुमार टीम के साथ पहुंचे। पशु चिकित्सक ने बताया कि दो गोवंश बीमार थे, जिनका इलाज किया गया है। गोवंश के मरने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। वहीं, पंचायत सचिव नितेश कुमार ने बताया कि पर्याप्त व्यवस्था की गई है। गोवंश की बीमार होने से मौत हुई है।
बोले जिम्मेदार
गोशालाओं में रखे गए गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए संचालकों को निर्देश है। इसके साथ ही ब्लॉक से पशु चिकित्सकों की टीम प्रतिदिन गोशाला इलाज के लिए भेजी जा रही है। जहां पर खामियां है, निरीक्षण कर सुधार किया जाएगा, लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ