औरैया। वैक्सीन की कमी के चलते गुरुवार से जिले में महा टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो सका। सिर्फ 10 सेंटरों पर ही टीकाकरण अभियान चलाया। हालांकि सभी सेंटरों पर स्लॉट बुक कराने वाले लाभार्थियों को ही टीका लगाया गया। अधिकारियों के अनुसार सेंटरों पर पहुंचने वाला कोई भी लाभार्थी वापस नहीं लौटा है।
जनपद में कोरोना से बचाव के लिए एक जुलाई से वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत होनी थी। लेकिन वैक्सीन की कमी के चलते यह अभियान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बंद करना पड़ा। गुरुवार की तड़के सुबह जिले को 2000 वैक्सीन डोज मिलीं। 2000 कोविशील्ड और 400 कोवैक्सिन मौजूद रहने पर जिले में अयाना सीएचसी को छोड़कर अन्य सभी सीएचसी समेत 10 सेंटरों पर टीकाकरण अभियान शुरू कराया गया। विभागीय अधिकारियों ने स्लॉट की बुकिंग को देखते हुए सभी सेंटरों पर वैक्सीन पहुंचाई। जिससे शाम तक टीकाकरण अभियान चला।
शहर स्थित 50 शय्या अस्पताल में सुबह के समय टीकाकरण कराने वालों की भीड़ रही। जिससे टीकाकर्मी और स्वास्थ्य कर्मियों को दिक्कतें रहीं। हालांकि दोपहर होते-होते लाभार्थियों की संख्या कम होने से राहत मिली। यहां टीका कर्मी ने बताया कि दोपहर तक 113 लाभार्थियों को पहली डोज दी जा चुकी थी। जबकि लगभग 80 डोज बकाया थी।
इधर, सूत्रों की मानें तो गुरुवार को संचालित होने वाले सभी सेंटरों के स्लॉट बुक थे। कई लाभार्थी टीकाकरण कराने पहुंचे ही नहीं। जिसके चलते पूरे दिन टीकाकरण चला। हालांकि यदि सभी लाभार्थी टीकाकरण कराने पहुंचते तो वैक्सीन की कमी के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ता।
जिले के वैक्सीन मांग के अनुरूप नहीं मिल रहीं हैं। जिसके चलते जुलाई माह में शुरू होने वाला महा टीकाकरण अभियान को रोका गया है। चुनिंदा सेंटरों पर टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है।
-डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
तीन दिनों से बेला सीएचसी पर नहीं पहुंची वैक्सीन
बेला (औरैया)। कस्बा स्थित सीएचसी में पिछले तीन दिनों से वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। जिससे लाभार्थियों को वापस लौटना पड़ रहा है। गुरुवार को भी लाभार्थी उम्मीदें लेकर वैक्सीन लगवाने पहुंचे। लेकिन टीकाकरण न होने पर उन्हें लौटने पर मजबूर होना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि वैक्सीन के लिए जिला मुख्यालय को अवगत कराया गया है। जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।
टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करेंगे प्रधान
अछल्दा ब्लॉक परिसर में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें संचारी रोग नियंत्रण और कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर प्रधानों और ग्राम विकास अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा और यूनिसेफ बीएमसी सुबोध चतुर्वेदी, प्रवीण सक्सेना ने प्रधानों को संचारी रोग से बचाव और कोरोना टीकाकरण के बारे में बताया। साथ ही प्रधानों से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीकाकरण कराने के लिए जागरूक करने की बात कही। डॉ.सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। एडीओ पंचायत शिवनाथ पाल आदि मौजूद रहे।