फोटो-30एयूआरपी-04- कथा के दौरान प्रवचन करते आचार्य कमलेश पाठक। संवाद
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अछल्दा। यदि किसी काम को करने का जज्बा और साहस हो तो उस मुकाम को आसानी से हासिल कर सफलता पाई जा सकती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया अछल्दा के युवा किसान अतुल ने। इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ वैज्ञानिक विधि से केले की खेती कर लाखों कमा रहे है। उनके इस हुनर से सीख लेकर तमाम युवा अब मुनाफे की खेती की ओर बढ़ रहे हैं।
अछल्दा कस्बा निवासी परिवहन विभाग कर्मी सत्यप्रकाश के पुत्र अतुल ने बताया कि वर्ष 2013 में कोटा राजस्थान में आईआईटी की तैयारी करने गए। तीन साल पढ़ाई कर प्री परीक्षा पास की, लेकिन मुख्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली। घर की स्थिति देख आगे की पढ़ाई जारी रखी और स्नातक करने के बाद वर्ष 2020-21 में खेती कर आगे बढ़ने की ठान ली। कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लेकर दो बीघे में केले की पौध लगाई।
अतुल ने बताया कि शुरुआती दौर में वह खेती और उसमें आने वाले खर्च के साथ मुनाफे को लेकर परेशान थे, हालांकि इस बीच कई उतार चढ़ाव आए, लेकिन हार नहीं मानी। वैज्ञानिक विधि से तैयार की गई केले के खेती से अब वह लाखों रुपये कमा रहे हैं। बताया कि खेती में कुल लागत 70 हजार आई थी। अब तक वह दो लाख के केले बेच चुके हैं। खेत में अभी केले की फसल है और वह 30 से 40 हजार रुपये के केले हर माह बेच देते हैं। उनकी खेती और फसल में अच्छी पैदावार देख कई युवा किसान आगे आए और उन्होंने वैज्ञानिक विधि से खेती करनी शुरू की है।
युवा किसान अतुल- फोटो : AURAIYA
केले की खेती के दिखाते अतुल। संवाद- फोटो : AURAIYA