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ंदरगाहों पर फंसे ट्रक न उतरने से आढ़तियों में आक्रोश, गल्ला मंडी की बंद

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ोटो18एयूआरपी 21- गल्ला मंडी में बंद पड़ी आढ़तियों की दुकानें। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। गेहूं के निर्यात पर अचानक लगी रोक के बाद आढ़तियों के लाखों रुपये का गेहूं बंदरगाहों पर फंस गया है। बंदरगाह पर खड़े ट्रकों से गेहूं न उतारे जाने से आक्रोशित आढ़तियों ने बुधवार को मंडी बंद कर दी। इससे मंडी समिति को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। साथ ही लगभग छह करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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गल्ला मंडी में समस्या दूर न होने से गेहूं आढ़तियों ने अपनी-अपनी आढ़त बंद कर बुधवार को पूरा कारोबार बंद रखा। कारोबार बंद रहने से गल्ला मंडी में चारों तरफ सन्नाटा पसरा रहा। मंडी में होने वाली विभिन्न कृषि उत्पादों की आवाजाही से प्रतिदिन 10 लाख रुपये मंडी शुल्क और लगभग 15 लाख रुपये जीएसटी समेत 25 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ।
वहीं, गल्ला मंडी में लगभग छह करोड़ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कारोबार प्रभावित हुआ है। आढ़तियों का कहना है कि सरकार आढ़तियों के हितों की अनदेखी कर रही है। अचानक लिए गए फैसले से निर्यात के लिए 100 से अधिक ट्रकों पर लादकर भेजा गया गेहूं बंदरगाहों पर पड़ा है।
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ट्रकों से बोरियों को न उतारे जाने के कारण प्रतिदिन उन्हें अतिरिक्त भाड़ा चुकाना पड़ रहा है। इससे उन्हें नुकसान हो रहा है। आढ़ती एसोसिएशन के महामंत्री जमाली सिंह ने बताया कि जब तक सरकार आढ़तियों की सभी समस्याएं दूर नहीं कर देती, गल्ला मंडी बंद रखी जाएगी।
गल्ला मंडी में हड़ताल होने से मंडी समिति को राजस्व का खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। आढ़तियों की जो मांगें हैं, वह शासन स्तर की हैं। शासन से जो दिशानिर्देश दिए जाएंगे उसी अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। -अरुण गुप्ता, मंडी सचिव, औरैया।

फोटो18एयूआरपी 22- कारोबार न होने से मंडी में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : AURAIYA

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