शहर में खुली मेडिकल स्टोर की दुकानें।
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औरैया। कोरोना संक्रमण को रोकने और संचारी रोगों से बचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 55 घंटे बंदी की घोषणा का जिले में व्यापक असर दिखाई दिया। लोग स्वेच्छा से घरों से नहीं निकले, दुकानें भी नहीं खुलीं। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ मेडिकल स्टोर खुले रहे।
जिला अस्पताल और मेडिकल स्टोरों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि गलियों में लोग घरों के बाहर बैठे रहे। परचून तक की दुकानें बंद रहीं। सख्ती के चलते बिना मास्क व बिना हेलमेट वाले लोग गलियों से होकर गुजरते रहे।
शहर का लोहा बाजार, किराना बाजार, सराफा बाजार, कपड़ा बाजार बंद रहे। बंदी को लेकर पुलिस-प्रशासन ने नौ बजे शहर के सभी प्रमुख चौराहों सुभाष चौक, जेसीज चौराहा, जालौन चौराहा, खानपुर चौराहा, दिबियापुर तिराहा पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इस बीच बिना मास्क व बिना हेलमेट के बेवजह सड़कों पर घूमने वालों को सख्त हिदायत दी गई। 10 लोगों को बिना मास्क के घरों से निकलने पर कोतवाली पहुंचाया गया। पांच सौ रुपये वसूलकर छोड़ दिया गया। इस बीच सुबह सुभाष चौक पर चल रही पुलिस चेकिंग का एएसपी कमलेश दीक्षित ने निरीक्षण किया।
साथ ही पुलिस कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पीएसी ने भी शहर में मार्च कर लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी। इस दौरान पालिका कर्मियों ने शहर के सभी प्रमुख बाजारों में सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। उधर 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल में मरीजों के न आने से डॉक्टर इंतजार करते दिखे।