औरैया। वैसुंधरा में करीब 200 करोड़ की हथियाई गई जमीन के मामले में गुरुवार को दिबियापुर पुलिस ने 55 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
वैसुंधरा में जमीन का फर्जीवाड़ा का इकलौता मामला नहीं है। ककराही और नियामतपुर बिहारी में भी ऐसे मामले हैं। यहां भी फर्जी प्रविष्टियों के जरिए लोगों ने पहले जमीन हथियाई फिर उस पर काबिज हो गए। अब इन मामलों में भी एफआईआर दर्ज होने की तैयारी है।
ककराही में 200 करोड़ की कीमत की साढ़े सात एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा कर हथियाई गई थी। इसे कार्रवाई के तहत पिछले दिनों ग्राम सभा में दर्ज किया गया है। वहीं नियामतपुर बिहारी में भी 13 एकड़ जमीन फर्जी प्रविष्टि के जरिए हथियाई गई थी। एसडीएम सदर कोर्ट के आदेश पर पिछले दिनों जमीन को ग्राम सभा में दर्ज किया जा चुका है।
वैसुंधरा की तरह ये दोनों मामले भी बेशकीमती जमीनों के हैं। उधर, दोनों मामलों में एसडीएम सदर कोर्ट ने आदेश भी जारी किए हैं, लेकिन इन दोनों जगह फर्जीवाड़े में शामिल रसूखदार अभी भी बेखौफ घूम रहे हैं।
उनके द्वारा इन जमीनों को बड़े पैमाने पर बेचकर करोड़ों रुपये सीधे किए गए हैं। फिलहाल अभी तक रिपोर्ट दर्ज न होने से उनके हौसले बुलंद हैं।
ककराही में जमीन हथिया कर बेच डाली
दिबियापुर। ककराही में फर्जी प्रविष्टि के सहारे दो लोगों के नाम साढ़े सात एकड़ जमीन हथिया ली गई थी। इस जमीन पर प्लॉटिंग हुई। जाने-अनजाने लोगों ने मेहनत से कमाए रुपये से प्लॉट खरीदकर अपने आशियाने बनवाए।
इस जमीन पर पेट्रोल पंप से लेकर बैंक शाखा का भी संचालन हो रहा है। 200 करोड़ की कीमत वाली इस जमीन से फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों ने मोटी रकम सीधी की।
कोर्ट के आदेश बाद यह जमीन ग्राम सभा में दर्ज कराई गई है। अब प्लॉट खरीदने वालों पर संकट गहराया है, लेकिन फर्जीवाड़ा करने वाले बेखौफ घूम रहे हैं। उन पर शिकंजा नहीं कसा जा सका है। (संवाद)