औरैया। बिधूना थाना क्षेत्र में हुई दंपती की हत्या व लूट के मामले में आरोपी नफीस उर्फ कल्लन को न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विकास गोस्वामी की अदालत ने आरोपी की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
वादी चंद्रकांत ने 19 जनवरी 2022 को बिधूना कोतवाली पुलिस को बताया था कि उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनके माता-पिता की हत्या कर दी गई है। वादी गाजियाबाद से बिधूना स्थित अपने घर पहुंचा। वादी के घर में ही स्कूल चलता है। पुलिस ने जांच के बाद बताया कि अज्ञात लोगों ने स्कूल में घुसकर उनके माता-पिता की हत्या कर दी और घर का सामान, नकदी व जेवर लूट ले गए हैं।
आरोपी नफीस ने अपने साथियों के साथ मिलकर स्कूल में घुसकर बुजुर्ग दंपती की हत्या की और लूटपाट को अंजाम दिया। विवेचना के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी हुई। उसके कब्जे से 40050 रुपये नकद, जेवर बरामद हुआ। पुलिस ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है।
वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्देश बताया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने टिप्पणी की कि आरोपी को जमानत पर रिहा करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी नफीस की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
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तथ्य छिपाकर एफआईआर कराने की अर्जी खारिज
औरैया। सदर कोतवाली के गांव भीखापुर में मेड़ व खूंटी उखाड़ने के विवाद में महिला की ओर से श्रीकृष्ण पर घर में घुसकर पीटने, छेड़छाड़ के आरोप की एफआईआर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विकास गोस्वामी ने खारिज कर दी। सीओ सिटी की जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों में पुराना दीवानी का विवाद है। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने इसे संदेहास्पद माना। (संवाद)
बिजली चोरी के मामलों में दो को राहत
औरैया। विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम राजीव कुमार वत्स ने साल 2017 में दलवीर के खिलाफ दर्ज बिजली चोरी के मामले में उन्हें दोषमुक्त कर दिया। दलवीर ने शमन शुल्क जमा कर कर दिया। वहीं, साल 2016 में अजीतमल कोतवाली में कैलाश बाबू को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र व जमानत राशि पर जमानत दे दी। (संवाद)
बाल अपचारी की जमानत अपील खारिज
औरैया। बाल न्यायालय ने किशोरी को ले जाने के बाल अपचारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय ने किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व आदेश को सही ठहराया। थाना फफूंद क्षेत्र में छह अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने कहा कि आरोपी का पीड़िता के साथ भोपाल जाना उसके परिपक्व मस्तिष्क को दर्शाता है। इसलिए जमानत देना नियमों के खिलाफ होगा।(संवाद)
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एससी-एसटी एक्ट के आरोपी को मिली जमानत
औरैया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विकास गोस्वामी ने नीलू उर्फ नीरज कुमार को एससीएसटी मामले में जमानत दे दी है। कोर्ट ने उसे 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की प्रतिभूति पर रिहा करने का आदेश दिया। वादी मीना देवी का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर प्रदीप और नीलू ने उनके साथ अभद्रता कर जातिसूचक गालियां व जान से मारने की धमकी दी थी। बचाव पक्ष की दलील थी कि रंजिशन देरी से एफआईआर कराई गई। सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। (संवाद)
अदालत ने खारिज की नलकूप ऑपरेटर की अर्जी
औरैया। नगर पंचायत बाबरपुर अजीतमल में सभासद पर पीटने और जातिसूचक गाली-गलौज का आरोप लगा था। इसमें नलकूप ऑपरेटर विनोद कुमार की अर्जी विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया है।