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Auraiya News: पुलिस पर फायरिंग के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी बरी

Sun, 19 Jul 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। करीब एक दशक पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने आरोपी संजीव दुबे को हत्या की कोशिश के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। पुलिस पर फायरिंग का आरोप भी था। वह जेल में था।
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घटना 24 नवंबर 2016 की तड़के करीब 4:30 बजे की है। तत्कालीन उपनिरीक्षक शैलेश कुमार पांडेय अपनी पुलिस टीम के साथ में गश्त पर थे। पुलिस का आरोप था कि मंडी समिति के पास संदिग्ध अवस्था में खड़े संजीव दुबे ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर तमंचे से फायर कर दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पारुल जैन की अदालत ने सुनवाई के दौरान इस पर आश्चर्य व्यक्त किया कि पुलिस बल के हथियारबंद होने के बावजूद जवाबी फायरिंग क्यों नहीं की। सबसे बड़ी चूक बरामद तमंचे और कारतूस को विधि विज्ञान प्रयोगशाला न भेजना माना गया। अदालत ने कहा कि बिना बैलिस्टिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट के यह साबित नहीं होता कि हथियार चालू हालत में था।
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न्यायालय ने कहा कि घटनास्थल काफी भीड़भाड़ वाला इलाका होने के बावजूद किसी भी गवाह या राहगीर को शामिल नहीं किया गया। सभी गवाह केवल पुलिसकर्मी ही थे जिनके बयानों में अदालत को विरोधाभास मिला।
न्यायालय ने संजीव दुबे को धारा 307 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। वर्तमान में जेल में निरुद्ध आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही उसे धारा 437-ए के तहत भविष्य में उच्च न्यायालय में उपस्थित होने के लिए जमानत और बंधपत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है।
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गवाही के लिए तलब होंगे कांस्टेबल
औरैया। एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में अपर सत्र न्यायालय-प्रथम ने आदेश पारित किया है। न्यायालय ने संबंधित माल का सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जमा करने वाले कांस्टेबल वेदरत्न त्रिपाठी को गवाही के लिए तलब किया है।
अभियोजन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश पारुल जैन ने स्पष्ट किया कि न्याय की विफलता रोकने के लिए तात्विक साक्ष्यों का परीक्षण आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि साक्षी के आने पर उसी दिन बयान दर्ज किए जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई होगी। (संवाद)

16 साल पुराने हत्या के केस में दो पुलिसकर्मी तलब
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र से जुड़े हत्या के 16 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायालय-प्रथम ने पंचायतनामा की पुष्टि के लिए दो पुलिस कर्मियों को बतौर गवाह तलब करने की मंजूरी दी है। अभियोजन ने कोर्ट को अवगत कराया कि पंचायतनामा तैयार करने वाले एसआई रामलखन पाल का निधन हो चुका है।
ऐसे में पंचायतनामा प्रमाणित करने के लिए उस समय मौके पर मौजूद कांस्टेबल हाकिम सिंह और एचजी जगमेर सिंह के बयान जरूरी हैं। अपर सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने दोनों गवाहों को समन जारी कर छह अगस्त को साक्ष्य के लिए तलब किया है और निर्देश दिया कि उपस्थित होने पर उसी दिन बयान दर्ज किए जाएं। (संवाद)

अवैध असलहा बरामदगी मामले का आरोपी बरी
औरैया। सत्र न्यायालय ने वर्ष 2016 के अवैध असलहा बरामदगी मामले में संजीव दुबे को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी को मंडी समिति के पास से तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष घटना की जनरल डायरी पेश करने में विफल रहा और बरामद असलहे को फॉरेंसिक जांच के लिए भी नहीं भेजा गया। साथ ही गिरफ्तारी में किसी स्वतंत्र गवाह का न होना और पुलिस प्रक्रिया में खामियां मिलने पर जज पारुल जैन ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। (संवाद)


बकाया और जुर्माना भरने पर आरोपी दोषमुक्त
औरैया। विशेष विद्युत अदालत ने फैसला सुनाते हुए बिजली चोरी के आरोपी अनिल कुमार को दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी पर विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज था।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि आरोपी ने बकाया बिल के 21860 रुपये और 10000 रुपये शमन शुल्क समेत सभी देय धनराशि विभाग में जमा कर दी। विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने विद्युत अधिनियम के तहत आरोपी का प्रार्थना-पत्र स्वीकार कर उसे दोषमुक्त कर दिया। (संवाद)
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