औरैया। कोतवाली बिधूना के वर्ष 2009 के एक मामले में आरोपी संजीव उर्फ संजू को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम पारुल जैन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। मामला पुलिस पर फायरिंग का था।
15 मार्च 2009 की रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की थी। आरोप है कि उस दौरान गौरव सिंह और संजीव उर्फ संजू ने पुलिस पर फायरिंग की थी। पुलिस ने गौरव सिंह को तो मौके से दबोच लिया था लेकिन संजीव भाग गया था। पुलिस ने उनके पास से तमंचा, कारतूस और एक चोरी की मारुति वैन बरामद करने का दावा किया था।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि उसे साजिशन मामले में फंसाया गया है। दलील दी कि वह पहले भी जमानत पर था और लगातार कोर्ट में हाजिर हो रहा था लेकिन छत से गिर जाने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ होने की वजह से वह पेशी पर नहीं आ सका। इसी दौरान उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए गए थे। बाद में उसे एक अन्य मामले में जेल भेज दिया गया था। वहीं अभियोजन ने उसकी जमानत याचिका का विरोध किया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि अभियुक्त पहले भी जमानत पर था और उसके तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए उसे जमानत दी जानी न्यायोचित है। कोर्ट ने संजीव को 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की एक जमानत राशि जमा करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।