दिबियापुर। रेलवे ट्रैक के किनारे जिस स्थान तक ट्राली समेत ट्रैक्टर पहुंच गया। वहां पर न तो कोई रास्ता था और न ही निकलने की कोई जगह। ट्रैक्टर के रेल ट्रैक किनारे पहुंचने को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। लोग इसे मिट्टी के अवैध खनन से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि आरपीएफ जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कह रही है।
आसपास के ग्रामीण बताते हैं कि केंजरी समेत आसपास के गांवों में रात के समय मिट्टी का अवैध खनन होता है। सोमवार तड़के किसी ने पुलिस को सूचना दे दी होगी। अनुमान है कि पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलने पर चालक ने ट्रैक्टर रेलवे ट्रैक की ओर दौड़ा दिया। चालक जल्दबाजी में यह भी भूल गया कि रेलवे ट्रैक से निकलने का कोई रास्ता नहीं है।
संभावना जताई जा रही है कि ट्रैक्टर चालक ने केंजरी रेलवे क्रासिंग से कुछ दूर पहले ही रेल ट्रैक पार करने का भी प्रयास किया। तभी ट्रेन आती देख चालक ने ट्रैक्टर ट्रैक के किनारे ही रोक दिया और उतरकर भाग खड़ा हो गया। ट्रेन का इंजन तो ट्रैक्टर के पास से गुजर गया।
परंतु तेज गति से ट्रेन गुजरते वक्त तेज कंपन होने पर ट्रैक्टर का कोई हिस्सा ट्रेन के नजदीक पहुंच गया। जिससे एसी कोच में लगी सीढ़ियों से टकराकर तेज धमाका हुआ। इससे ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रैक्टर की ट्राली में पड़ी मिट्टी अवैध खनन की गवाही देता नजर आई। हालांकि कोई भी अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने से कतराता दिखा।