A young man found dead in suspicious condition on the platform of the house late at night under suspicious circumstances
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा बनारसीदास में गुरुवार की देर रात एक युवक को परिजनों ने घर के बाहर मरणासन्न पाया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी ने दोस्तों पर शराब पिलाने व उसी से मौत होने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फफूंद रोड पर स्थित मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा निवासी आरा मशीन संचालक रवि शर्मा (35) पुत्र स्व. लाल बहादुर को गुरुवार की रात लगभग 12 बजे घर के बाहर चबूतरे पर मरणासन्न हालत मेें परिजनों ने पड़ा देखा। हतप्रभ परिजन बेहोश युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी नीलम ने आरोप लगाया कि गुरुवार की रात उसके दोस्तों ने उसके पति को शराब पिलाई, जिससे उसके पति की मौत हो गई। इसके बाद वे उसको घर के बाहर चबूतरे पर डाल गए। नीलम ने बताया कि उसके पति रोज दोस्तों के साथ शराब पीते थे। गुरुवार की रात भी ऐसा ही हुआ और बाद में उसने पति को मरणासन्न हालत में घर के बाहर चबूतरे पर पड़ा पाया। सूचना पर जिला अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक कुमार दुबे ने बताया कि युवक की मौत किस वजह से हुई है, इसकी हकीकत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।
मृतक की मां राजाबेटी ने बताया कि उसके पति स्व.लालबहादुर शर्मा फौज में हवलदार थे। एक साल पहले ही उनकी भी मौत हो चुकी है। बताया कि उनका पुत्र रोज शराब के नशे में घर आता था। कई बार पत्नी से मारपीट भी की है। बताया कि बहुत समझाने का प्रयास किया लेकिन किसी की भी नहीं सुनी। दो दिन पहले उसके दोस्तों को भी पुत्र को शराब पिलाकर बर्बाद करने को लेकर फटकार लगाई थी लेकिन उसकी बात फिर भी नहीं सुनी। बताया कि उसके दो पुत्रियों प्रभा (13), कुमकुम (12) व दो पुत्र मोनू (07) व सोनू (05) हैं।
राजाबेटी ने बताया कि उनके कोई संतान न होने पर उनके मिलने वाले एक दरोगा राजा पाठक नसीराबाद निवासी, जो तब कानपुर में तैनात थे, ेंने रेलवे स्टेशन पर अज्ञात मिले बच्चे को उन्हें गोद दिलाया था। इसके कुछ दिनों के बाद उन्होंने एक पुत्री को भी गोद लिया था। बताया कि उसके जीवन में आने के बाद वीरान जिंदगी में बहार आ गई थी लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा था कि उनका यह पुत्र शराब की लत के चलते मौत के मुंह में चला जाएगा। पति की मौत के बाद यमुना रोड पर संचालित आरा मशीन को उनका पुत्र रवि संभाले हुए था। बुढ़ापे में उनका सहारा छिन जाने से छोटे-छोटे बच्चों का भविष्य अधर में जाता दिख रहा है।