औरैया। एक ट्रैक्टर ऋण लेकर खरीदने के बाद धोखाधड़ी कर ट्रैक्टर मालिक ने दूसरी बार दूसरी बैंक से ऋण लिया। इसका खुलासा लोन की किस्तों के जमा न करने पर हुआ। सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रभारी ने शुक्रवार को ऋण लेने वाले व्यक्ति व धोखाधड़ी करने वाले वर्तमान शाखा प्रबंधक समेत पांच लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
प्रभारी वरिष्ठ सहकारी ग्राम विकास बैंक जगवंदन सिंह पुत्र मेवाराम ने शहर कोतवाली में देवानंद पुत्र स्व. सुमन दीक्षित निवासी गोहानीकला अजीतमल, ट्रै्क्टर विक्रेता मैसर्स किसान मशीनरी स्टोर्स दिबियापुर, राधे श्याम गुप्ता वरिष्ठ प्रबंधक बैंक सेवानिवृत्त, कैलाश सिंह फील्ड अफीसर पत्रावली तैयारकर्ता, शिव पाल दिवाकर शाखा आंशिक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। जगवंदन सिंह ने बताया कि मार्च 2005 में देवानंद ने गांव गोहाली खुर्द, पहाड़पुर में स्थित 10.07 एकड़ भूमि भारतीय स्टेट बैंक अजीतमल को बंधक बनाकर ढाई लाख का ऋण लेकर सोनालिका ट्रैक्टर खरीदा था। इसी ट्रैक्टर को दिखाते हुए देवानंद ने दिबियापुर स्थित मैसर्स किसान मशीनरी स्टोर्स के विक्रेता व ग्राम विकास बैंक के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक अन्य कर्मचारियों से साठगांठ करते हुए एक बार और आवेदन कर ऋण लिया। देवानंद द्वारा किस्तें लगातार जमा न करने पर जांच कराई गई तो मामला सामने आया। देवानंद ने 24 मई 2005 को 30 हजार, 26 जुलाई 2005 को 25 हजार और एक मई 2012 को 10 हजार रुपए ही जमा किए हैं। देवानंद पर इस समय उनकी बैंक का कुल तीन लाख 22 हजार 982 रुपया बकाया है। जगवंदन सिंह ने बताया कि अजीतमल एसबीआई शाखा पर भी देवानंद का काफी बकाया है। इधर, कोतवाली प्रभारी ब्रज मोहन वर्मा ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।