औरैया। ग्रामीण स्तर पर नौनिहालों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को कान्वेंट की तर्ज पर प्री प्राइमरी सुविधा से लैस किया जाना है। इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में कवायद तेज कर दी है। पहले चरण में चयनित 46 आंगनबाड़ी केंद्र तमाम सुविधाओं से संवारे जा चुके हैं। जबकि दूसरे चरण में 81 और केंद्रों को संवारने की तैयारी है। इन केंद्रों पर बच्चों को शिक्षा के साथ खेल-खेल में शारीरिक व मानसिक तौर पर विकसित किया जाएगा।
जनपद में 1789 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा तीन से पांच साल तक के नौनिहालों को केंद्र पर लाकर उन्हें बैठने के तौर तरीके सिखाए जाते हैं। साथ ही खेल-खेल में उन्हें अंक, शब्द, रंग समेत तमाम प्राथमिक जानकारी से रूबरू कराया जाता है। इसके अलावा पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ाने का प्रयास भी होता है। साथ ही साथ पौष्टिक भोजन के जरिए उनका शारीरिक विकास भी पुख्ता किया जाता है, लेकिन संसाधनों के अभाव में अभी तक अभिभावक बच्चों को केंद्र पर भेजने में हिचकिचाते थे। इसे देखते हुए शासन स्तर से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को कान्वेंट की तरह प्री प्राइमरी का रूप देना शुरू किया है।
केंद्रों पर बच्चों की पढ़ाई के साथ ही उनके मनोरंजन के लिए खेल संसाधन जुटाए जा रहे हैं। केंद्रों पर बच्चों को बैठने के लिए फैंसी कुर्सी, मेज की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही मनोरंजन के लिए झूले व फिसलपट्टी लगाए जा रहे हैं। इससे पठन-पाठन रुचिकर बनता जा रहा है। जनपद के 46 आंगनबाड़ी केंद्र भवन में संचालित होने के साथ ही सुविधाओं से लैस हो चुके हैं। अब विभाग 81 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को संवारने के लिए चिह्नीकरण में जुटा है। इन सभी केंद्रों को चयनित कर संवारा जाएगा।
आउट आफ स्कूल बच्चों की समस्या होगी दूर
परिषदीय स्कूलों में साल दर साल स्कूल चलो अभियान चलाकर आउट आफ स्कूल बच्चों को चिह्नित किया जाता है। उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए मशक्कत की जाती है। इस सब के बावजूद काफी बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित रहते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधा के जरिए बच्चों को स्कूल से जोड़ने की कवायद काफी सकारात्मक हो सकती है। यही वजह है कि परिषदीय स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी बच्चों को लाने की मुहिम चलाई जा रही है। सुविधाओं पर भी जोर है।
बोले जिम्मेदार-
‘जिलाधिकारी की पहल पर मनरेगा व ग्राम पंचायत निधि से पहले चरण में 46 केंद्र संवारे जा चुके हैं। अब इस कड़ी में 81 और केंद्रों को संवारा जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।’-वीरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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