फफूंद। फफूंद कस्बा समेत 200 गांवों में लोग लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। सबमर्सिबल पंप तक नहीं चल पा रहा है। पीने के पानी के लिए सिर्फ हैंडपंप का सहारा है तो किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का संकट है।
फफूंद क्षेत्र के केशमपुर गांव में 33 केवी विद्युत सबस्टेशन बना हुआ है। यहां के पाता, जुआ, देवरपुर, टीकमपुर व फफूंद फीडरों से 200 गांव और फफूंद कस्बे को बिजली आपूर्ति होती है। 10 दिन से फफूंद कस्बा समेत सभी गांव के लोग लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
कम वोल्टेज आने की वजह से लोगों के घरों में पंखे व कूलर की गति न के बराबर है। वहीं सबसे बड़ा संकट किसानों के सामने फसल की सिंचाई का भी है। किसानों की मूंग, उड़द, मूंगफली, मक्का व घुइंया की फसल सूख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कम वोल्टेज आने पर घरों में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फ्रिज, टीवी, इनवर्टर व वाशिंग मशीन शोपीस बने हुए हैं। सबमर्सिबल न चलने की वजह से लोगों को हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है।
केशमपुर विद्युत सब स्टेशन के अवर अभियंता ओमवीर सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी की वजह से असेनी पावर हाउस से आने वाली 33 केवी लाइन से ही कम वोल्टेज आ रहा है। इस वजह से 33 हजार को परिवर्तित कर 11 हजार वोल्टेज निकालने वाले सब स्टेशन के ट्रांसफार्मर से ही आठ हजार वोल्टेज निकल रहा है। बारिश होने पर वोल्टेज की दिक्कत खत्म हो जाएगी।
चार साल बीतने के बाद भी नहीं अलग हुई लाइन
असेनी पावर स्टेशन से केशमपुर सब स्टेशन से आई 33 केवी विद्युत लाइन पर चपटा सब स्टेशन का भी लोड है। चार साल बीतने के बाद भी इस सब स्टेशन के लिए अलग से लाइन नहीं बनी। केशमपुर सब स्टेशन के विद्युत लाइन से ही इसे जोड़कर पावर स्टेशन चलाया जा रहा है। चपटा सब स्टेशन पर बने दो फीडरों हैदरपुर व महाराजपुर में 100 से ज्यादा गांव जुड़े हैं। बारिश या हल्की सी आंधी आते ही अक्सर होने वाले फाल्ट से केशमपुर सब स्टेशन भी बंद हो जाता है। चपटा सब स्टेशन की लाइन काटने के बाद ही केशमपुर की विद्युत आपूर्ति चालू हो पाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस सब स्टेशन के लोड से भी कम वोल्टेज की दिक्कत बनी रहती है। अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।