फोटो-14एयूआरपी-2 निवर्तमान प्रधान सुषमा एवं पूवज् प्रधान रनवीर सिंह
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दिबियापुर (औरैया)। ग्राम पंचायत बैसुंधरा की प्रधानी 20 साल से दंपती के बीच है। इस बार भी पति चुनाव मैदान में है तो पत्नी उनका बढ़ चढ़ कर साथ दे रहीं हैं।
दिबियापुर से सटी ग्राम पंचायत बैसुंधरा वर्ष 2000 में ओबीसी आरक्षित होने पर गांव के रनवीर सिंह यादव ने प्रधान पद के लिए दावेदारी की और चुने गए। 2005 में भी वही प्रधान चुने गए। 2010 में आरक्षण बदला और महिला सीट हो गई। गांव के लोगों का समर्थन और स्नेह देख रनवीर की पत्नी सुषमा चुनाव लड़ीं और जीतीं। 2015 में आरक्षण की गणित ने उन्हें फिर से मौका दिया तो सुषमा फिर प्रधान बन गईं। ग्राम पंचायत बैसुंधरा प्रधान पद अनारक्षित होने के कारण इस बार फिर से रनवीर सिंह यादव मैदान में हैं। उन्होंने मंगलवार को प्रधानी के लिए पर्चा भर दिया है। बैसुंधरा में गेल कर्मियों की आवासीय कॉलोनी गेल गांव है। एनटीपीसी परियोजना होने के कारण गांव का अलग महत्व है। यहां से कई अन्य प्रमुख दावेदार चुनाव जीतने के लिए दिन रात एक किए हैं।