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धार्मिक स्थलों की कमेटियों को प्रशासन का नोटिस

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उरई। कालपी के अधूरे हाईवे के दिन अब बहुरने वाले है। जिला प्रशासन ने हाईवे निर्माण को लेकर अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। सोमवार को प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए निर्माण कार्य में रोड़ा बने आधा दर्जन धार्मिक स्थलों की कमेटियों को नोटिस भेजी है। नोटिस पहुंचते ही कमेटियों में हड़कंप मच गया है।
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अधिकारियों का कहना है कि कालपी में लगने वाले जाम से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
बता दें कि जिले की प्रमुख समस्याओं का नाम आते ही कालपी के जाम का दृश्य सबके जहन में आने लगता है। रोज-रोज लगने वाले जाम के झाम से जिले के लोग पूर्णता त्रस्त हो चुके हैं। स्थिति यह है कि कानपुर जाने के लिए लोग हमीरपुर होते हुए जाने को मजबूर है।

कई बार जिले में कालपी के अधूरे हाईवे को बनाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन से लेकर आंदोलन तक किए जा चुके है, पर अब तक प्रशासन निर्माण कार्य को पूरा नहीं करा पाया। बताते चलें कि जिस रास्ते से कालपी का नेशनल हाईवे निकल रहा है वहां पर विभिन्न धर्मों के धार्मिक स्थल बने हुए है। अगर निर्माण होता है तो इन स्थलों को तोड़ना होगा। लेकिन इनसे जुड़े लोग इसके लिए तैयार नहीं।
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इन्हें मनाने के लिए जिला प्रशासन ने बैठक कर अपने स्थलों को हटाने की अपील की थी। बैठक में कुछ संप्रदाय के लोग तो धार्मिक स्थल हटाने को तैयार हो गए थे, लेकिन कुछ लोग अभी भी अपनी जिद पर अड़े हैं। पिछले कई दिनों से इन लोगों को मनाने की कवायद चल रही थी। दो बार अपर जिलाधिकारी खुद कालपी पहुंचे और संगठन के लोगों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ही बैठकें बेनतीजा रही।

अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने कई कमेटियों के सदस्यों को नोटिस भेजा है। कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द जिलेवालों की परेशानी को देखते हुए इस अधूरे हाईवे के निर्माण कार्य को पूरा किया जाए। उन्होंने अपील की कि कोई भी धर्म व संप्रदाय इंसानियत से बढ़ा नहीं हो सकता।
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कालपी के अधूरे हाईवे का मामला
अमर उजाला ब्यूरो

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